अंबिकापुर शहर के युवा मेजर नीलेश सिंह के असामयिक निधन की ख़बर जैसे ही शहर में आई लोग ग़मगीन हो गए। होनहार और मात्र 34 वर्ष की उम्र में एक युवा सैन्य अधिकारी का चले जाना पूरे देश के लिए एक क्षति है।कोरोना काल में इनके पिताजी का निधन हो गया था। इकलौते होनहार पुत्र के निधन की ख़बर से इनकी मां स्तब्ध रह गईं।साथ ही पूरा शहर शोक में डूब गया।जैसे ही सेना के अधिकारी ने तिरंगा इनकी मां को दिया वहां मौजूद लोगों की आंखें डबडबा गईं।नगर के शंकर घाट स्थित मुक्तिधाम में वंदेमातरम और मेजर नीलेश अमर रहें के नारे गूंजते रहे।

नाम -मेजर नीलेश सिंह
रैंक-मेजर,(डॉक्टर)मेडिकल कोर (DS12574Y)
पिता का नाम- स्वर्गीय रतनेशवर सिंह
माता- नीलम सिंह
जन्म -2जून1988
मृत्यु-6फरवरी2023
निवास -रानी सती मंदिर सतीपारा अम्बिकापुर। आर्मी मेडिकल एग्जाम के माध्य्म से 2015 में आर्मी में डेंटल डॉक्टर के रूप में प्रथम चांगसारी असम मे पोस्टेड हुए,दूसरी पोस्टिंग रूरकी उत्तराखंड में हुई,व आखिरी पठानकोट पंजाब में पदस्थ थे।अपने कमरे में दिल के दौरा पड़ने की वजह से इनका निधन हुआ।गई।सेना में समय समय पर मेजर नीलेश को कई मेडल्स और सम्मान दिए गए ।

मेजर नीलेश अमर रहे अमर रहें, भारत माता की जय, वंदेमातरम के नारे के साथ गूंज उठा उनकी अंतिम संस्कार गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ मुक्तिधाम शंकरघाट में किया गया सबकी आँखे नम हो गईं ।

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