किसी भी टीम के कप्तान पर भी टीम का प्रदर्शन निर्भर करता है।आज सरगुजा ज़िले के मुख्यालय अंबिकापुर शहर से एक हैरान मगर बेहद ही गंभीर सवालों को उठाता एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरसअल अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदनी चौक के पास तेज रफ्तार ऑटो चालक ने एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी। किसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। ऑटो चालक द्वारा युवक को ठोकर मारते ही वो जमीन पर जा गिरा।इधर स्थानीय लोगों ने दुर्घटना की जानकारी डायल 112 को दी ,जहां मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने युवक को पकड़ कर थाने ला रही थी।उसी दौरान पुलिस के साथ आरोपी हाथापाई करने लगा। जिसके बाद किसी तरह पुलिस उसे थाने लाई और कई धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है, साथ ही ऑटो चालक आरोपी की का पुलिस लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी कर रही है।

ऑटोचालक ने पुलिस वाले पर ही हाथ छोड दिया।जबकि ये पुलिस वाला कानून के पालन के लिए गया था,अपनी जिम्मेदारी निभाने गया था।

अब सवाल ये उठ रहा है कि ज़िले में कानून व्यवस्था बद से बदतर हो ही चुकी है। यहां तक कि फुल स्पीड पर अनियंत्रित गति से चलते अराजक तत्व समेत वाहन चालकों के ऊपर भी पुलिस का कोई खौफ़ रह ही नहीं गया है।क्योंकि अब तक विगत कई दिनों से सरगुजा पुलिस ने कोई दमदार ऐसी कार्यवाही नहीं की है जिससे इन अराजक तत्वों में कानून के पालन को लेकर एक भय बने।अब स्थिति इतनी अनियंत्रित होती जा रही है कि पुलिस के जवान जब फील्ड पर होते हैं तो हर कुछ इन्हें सहना पड़ता है।

सीसीटीवी में टक्कर मारते हुए दिखी तेज रफ्तार ऑटो

शहर के वरिष्ठ व सम्मानीय नागरिकों समेत कई लोग खुलकर कह रहे हैं कि ऐसी लचर और संवेदनहीन कानून व्यवस्था ज़िले में लगातार देखने को मिल रही है।इन सबके लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और उनकी कार्यशैली ही संदेह के दायरे में है।

कई उम्रदराज लोग जो सुबह शाम की सैर के लिए घर से पहले निर्भीक होकर निकल जाया करते थे वो अब सड़कों पर खुलेआम कानून का तमाशा बनाते वाहन चालकों के डर से घर में ही दुबक कर रहने को विवश हैं।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।