अंबिकापुर में बचाया खेल के मैदान को। सरगुजा आई जी दीपक झा ने पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव की पहल पर लिया संज्ञान। खेल प्रेमियों में उत्साह।

अम्बिकापुर शहर के खेलप्रेमियों, जनप्रतिनिधि और नागरिकों की मांग पर संवेदनशील रुख रखते हुए सरगुजा संभाग के आईजी  दीपक कुमार झा ने पुलिस लाईन मैदान में विभाग के आवासीय परिसर निर्माण की योजना को अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है। करीब 1 माह पूर्व मैदान के उत्तरी भाग में विभाग के आवासीय भवन के लिए भूमिपूजन का कार्य हुआ था। इससे मैदान के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया था। अम्बिकापुर शहर के उत्तरी भाग के 10 वार्डो के लिए यही एकमात्र खेल मैदान है। भूमिपूजन के उपरांत क्षेत्र के खेलप्रेमी युवा एवं नागरिकों ने कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रजनीश सिंह के साथ सरगुजा आई जी से मिलकर मैदान को बचाने की गुहार लगाई थी। पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी एस सिंहदेव ने भी इस बाबत चर्चा आई जी से की थी। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आ गया है। सरगुजा आईजी  दीपक कुमार झा ने आवासीय परिसर के निर्माण स्थल को बदल दिया है जिससे अब पुलिस लाईन मैदान का अस्तित्व बना रहेगा। सरगुजा आईजी के इस मानवीय और संवेदनशील रवैये की नागरिकों और खेलप्रेमियों ने सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।