आरोप पत्र समिति गठित।

छत्तीसगढ़ भाजपा ने आज राज्य में कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए आरोप पत्र समिति गठित की जिसका संयोजक अजय चंद्राकर को बनाया गया है वहीं प्रेम प्रकाश पांडेय और आईएएस की नौकरी छोड़ भाजपा में शामिल हुए ओपी चौधरी को भी इसमें सदस्य बनाया गया है।

देखना ये है कि कलेक्टर रह चुके ओपी चौधरी कितने कलेक्टर के बारे में तथ्य जुटाकर कुछ बड़े आरोप प्रमाणित कर पाते हैं या समिति में एक नाम बनकर मात्र आदेश की कॉपी में ही अंकित होकर रह जाते हैं।

वहीं सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी ने रायपुर में भ्रष्टाचार को लेकर अपने मज़बूत इरादों को दिखाते हुए कड़े प्रहार की बात कही थी इसे लेकर छत्तीसगढ़ के कुछ बड़े नौकरशाहों में बेचैनी है।विश्वस्त सूत्रों के अनुसार राज्य के दो दर्जन से अधिक अधिकारियों के भ्रष्टाचार की कुंडली बेहद पुख़्ता प्रमाण के साथ एक्सपर्ट की टीम बना रही है ।इसमें आईएएस अधिकारी व अन्य भी हैं। कई प्रमाण कुछ बड़े अधिकारियों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर काग़ज़ के पन्नों से बाहर आकर उनकी कारगुज़ारियों को उजागर करने के लिए हरी झंडी का इंतज़ार कर रहे हैं।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।