अंबिकापुर भू माफिया आज़ाद इराक़ी को तालाब पाटने और बड़ा फर्जीवाड़ा करने के गंभीर मुद्दे पर  मिली जमानत पर एक नई कानूनी बहस छिड़ सकती है।

सूत्रों की मानें तो सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने कुछ बड़े कानूनविद से इस मामले में भू माफिया को मिली जमानत पर राय मशविरा कर उप संचालक अभियोजन के साथ मिलकर एक बड़ी रणनीति बनाकर कानून के प्रावधानों के साथ सक्षम न्यायालय में जाकर जमानत निरस्त करने का मन बनाया है और इसकी विज्ञप्ति भी जारी की है।

इससे स्पष्ट है कि त्रुटिपूर्ण तरीके से कोई भी नियम विरुद्ध लाभ इस तरह के मामलों पर किसी को न मिले ये प्रशासन स्पष्ट संदेश देना चाहता है।

इस मामले में कई तथ्य इतने विस्फोटक हैं कि आने वाले समय में उनका खुलासा भी होना तय है और पर्दे के पीछे के मास्टर माइंड तक भी प्रशासन पहुंचने का मन बना चुका है।

ये पत्र हम पहल के माध्यम से आमजन तक पहुंचा रहे हैं जिसमें प्रशासन अब खुलकर भू माफिया के विरुद्ध नियम कानून के प्रावधानों के तहत बड़ी कार्यवाही का मन बना रहा है जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो।

पहल से बात करते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा है कि ” हमारा उद्देश्य हर तबके तक न्याय दिलाना है जिससे सिस्टम के प्रति लोगों का विश्वास बने रहे। कई महत्त्वपूर्ण मामलों में कुछ त्रुटियों का अनुचित लाभ लेकर कुछ अवांछित तत्व बच निकलना चाहते हैं इसलिए हम प्रशासन की ओर से इस तरह के संगीन मामलों पर भी अपनी नज़र बनाए हुए हैं जिससे लोगों को न्याय मिले साथ ही नीर क्षीर जांच ही हमारा मुख्य उद्देश्य है वहीं माननीय न्यायालय तक हम पूरे तथ्यों को मामले की गंभीरता को समझते हुए रखने जा रहे हैं।”

आलोक शुक्ल, सम्पादक पहल।

You missed