मोहब्बत की दुकान,जातिवाद,पहलवान पालिटिक्स,अग्निवीर का विरोध जी हाँ ये सब कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में आजमाया लेकिन जलेबी सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गई।
ग़ौरतलब है कि हरियाणा में कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत का दावा किया था।
और तो और राहुल गांधी ने आक्रामक प्रचार कर इस बार जलेबी को भी चुनाव में एक रोचक विषय बनाकर रोज़गार से जोड़ने की कोशिश की मगर चुनाव नतीजों के आते ही जलेबी आज भाजपाईयों के मुँह का मनपसंद मिठाई बन गई।
और तो और तथाकथित बड़े न्यूज़ चैनलों में हरियाणा में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत की बात एकतरफा दिखाई जा रही थी जैसा कि छत्तीसगढ़ में भी 2023 में दिखाया गया था मगर परिणाम के बाद न्यूज़ चैनल में चल रहे अधिकांश EXIT POLL आज हरियाणा को लेकर ग़लत साबित हुए।
हारने के बाद कांग्रेस तंत्र पर सवाल उठा रही है वहीं भाजपा के प्रवक्ता चुटीले अंदाज़ में कह रहे हैं कि “राहुल जी जलेबी फ़ैक्ट्री में नहीं मेहनत करने वाले हलवाइयों के हाथ बनती है।”
बहरहाल इस चुनाव में जलेबी जिस तरह से चुनाव में आई उस पर छत्तीसगढ़ के रहने वाले और देश के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट सागर ने एक बेहतरीन कार्टून बनाकर जिस तरह चुनाव के परिदृश्य को उकेरा है वो चर्चा का विषय बन गया है।
प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट सागर की ये कृति ‘पहल’ के माध्यम से हम आप सबके सामने ला रहे हैं।

आलोक शुक्ल, संपादक पहल।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।