बीच सड़क जब ये हाल है तो कानून व्यवस्था का अंदाज़ लगाया जा सकता है।

एक वीडियो में अपराधी खुलेआम कर रहे मारपीट तो दूसरे में आरक्षक को महिला ने ही मारा थप्पड।

मारपीट का एक और वीडियो आया सामने।लात,घूंसे और पत्थर से युवक पर बेरहमी से जानलेवा हमला किया व बीचबचाव कर रही लड़की को भी युवकों ने पीटा। वायरल वीडियो में युवकों द्वारा गैंग बनाकर युवक, युवती की बेरहमी से की जा रही पिटाई के वीडियो से अंदाज लगाया जासकता है कि बिलासपुर में पुलिस प्रशासन नाम की कोई चीज़ अब बची नहीं है।सरकंडा थाना क्षेत्र के निखिल आश्रम के पास की बताई जा रही है घटना दो माह पुरानी बताई जा रही है। 25 सेकेंड के वीडियो ने शहर समेत पूरे राज्य को झकझोर दिया है। दो दिन के भीतर मारपीट का तीसरा वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।खुले आम मारपीट की घटना से सहमी हुई है न्यायधानी।

वहीं दूसरे वीडियो में जो नजारा है उससे पुलिस के अधिकारी खुद अंदाज़ लगायें तो बेहतर होगा

इसमें ड्यूटी में तैनात आरक्षक को महिला ने जड़ा थप्पड़।थप्पड़ मारने का वीडियो आया सामने।ये वीडियो सरकंडा थाना क्षेत्र के मोपका चौक का बताया जा रहा है।
नो एंट्री को लेकर हुआ विवाद।आरक्षक पर शराब पीकर ड्यूटी करने का आरोप। वायरल वीडियो 2 सितंबर की रात का है।

दोनों ही वीडियो राज्य की न्यायधानी की पुलिस की हकीक़त बताने के लिए काफी हैं।जब न्याधानी में पुलिस व्यवस्था इतनी बदतर है तो राज्य में क्या होगी इसका अनुमान तो आसानी से लगाया जा सकता है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।