ब्रेकिंग न्यूज़ रायपुर
13 मार्च 2023 दिन सोमवार छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र का दूसरा चरण प्रारंभ हुआ।आज अपनी ही कांग्रेस सरकार पर धुआंधार आरोप लगाते नज़र आए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम। उन्होंने जिले के आर ई एस विभाग के द्वारा डीएमएफ फंड में करोड़ों रुपए की खरीदी का भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधानसभा की समिति से जांच की मांग की। इस पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि राज्य स्तर के अधिकारी को भेजकर इसकी जांच करवाई जाएगी व 1 महीने में जांच पूरी हो जाएगी दोषी पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री अरुण कुमार शर्मा पर कार्यवाही की जाएगी।
क्या मोहन मरकाम अपने ही सरकार से नाराज हैं? क्या अपने अध्यक्ष पद से विदाई पर उनकी गंभीर नाराजगी झलक रही है ।
सत्ता पार्टी के विधायक और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के आज के विधानसभा में उठाए गए बस्तर संभाग की आवाज से प्रमाणित हो रहा है कि भ्रष्टाचार बस्तर संभाग में चरम सीमा पर पहुंच चुका है।

सबसे महत्वपूर्ण बात तो ये है कि जिस अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं वो छत्तीसगढ के एक चर्चित व्यक्ति के रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं।ये भी जानकारी सूत्रों के हवाले से बाहर आ रही है।

इससे स्पष्ट है कि डीएमएफ फंड में हेराफेरी की बात अब और भी एजेंसी के दायरे में लाने की भी कवायद भी तेज हो सकती है।

जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे वैसे भूपेश सरकार के विरूद्ध कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेताओं के स्वर मुखर होना कांग्रेस के लिए मुसीबत का सबब बनकर ही आयेंगे इसमें कोई संदेह नहीं है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।