भाजपा 2023 के चुनावी मोड में।
8 अक्टूबर 2022 दिन शनिवार भाजपा का अनुसूचित जनजाति मोर्चा बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग और दुर्ग संभाग में चक्का जाम करने जा रहे हैं।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा का आरोप है कांग्रेस सरकार के लापरवाही के कारण जो अनुसूचित जनजाति को छत्तीसगढ़ में 32% आरक्षण मिलता था वह घटकर 20% हो गया है।


आरक्षण वापस अनुसूचित जनजाति वर्ग को 32% मिलना चाहिए इस बात को लेकर 8 अक्टूबर को दोपहर बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले के नारायणपुर चौक में पूर्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में चक्का जाम किया जाएगा। उनका साथ देने के लिए बस्तर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व मंत्री विक्रम उसेंडी, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और पूर्व मंत्री सुश्री लता उसेंडी के साथ प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम के साथ ही हजारों की संख्या में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग चक्का जाम में उपस्थित रहेंगे।

वहीं
सरगुजा संभाग के बिलासपुर चौक में पूर्व सांसद और पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंद कुमार साय के नेतृत्व में चक्का जाम किया जाएगा उनके साथ पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा, पूर्व सांसद कमलभान सिंह ,पूर्व मेयर प्रबोध मिंज, सिद्धनाथ पैकरा, विजय नाथ सिंह और राम लखन सिंह पैकरा के साथ हज़ारो की संख्या में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग चक्का जाम में उपस्थित रहेंगे।
दुर्ग संभाग के राजनांदगांव जिला के छुरिया चौक चिचोला मैं कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडल के नेतृत्व में चक्का जाम किया जाएगा उन्हें साथ देने के लिए सिहावा नगरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पिंकी शिवराज साहा एमडी ठाकुर पूर्व विधायक संजीव शाह गुंडरदेही के पूर्व विधायक आरके राय और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर के साथ हजारों की संख्या में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग उपस्थित रहेंगे।
चक्का जाम में बताया तो यह जा रहा है कि हज़ारों की संख्या में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग उपस्थित रहेंगे मगर वास्तव में कितने लोग उपस्थित रहेंगे यह कल ही पता चल पाएगा।
6 अक्टूबर को धमतरी जिले के गंगरेल रिसोर्ट में बनी रणनीति के पहले चरण में भाजपा यह आंदोलन करने जा रहे हैं अब अनुसूचित जनजाति वर्ग का आरक्षण कम हुआ है या नहीं या इसकी वास्तविक स्थिति क्या है? यह तो कांग्रेस सरकार को दस्तावेज के साथ जनता के सामने लाना होगा।

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्री परिषद में अनुसूचित जनजाति वर्ग के जो मंत्री गण हैं इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जो अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं मोहन मरकाम को स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
2023 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में अब धीरे-धीरे राजनीतिक पार्टियां खासकर कांग्रेस और भाजपा मैदान में उतरती नज़र आ रही है।

प्रशासन को भी चौकन्ना रहने की हिदायत दे दी गई है क्योंकि अब कल से भाजपा ज़मीन पर दिखने की शुरुआत जो कर रही है।

बताया जा रहा है कि कल चक्काजाम में होने वाली भीड़ और नेताओं की दमदारी अब भाजपा की दिशा दशा बदलने में उत्प्रेरक का कार्य करेगी।

By @dmin

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