भूपेश बघेल का तीखा हमला “करे तो बाप को लटका देना चाहिए ये रमन सिंह बोले थे न तो आज क्यों अपने बयान से पलट रहे हैं।”

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बेटे पर लगा दुष्कर्म का आरोप भाजपा के लिए गले की फांस बनता जा रहा है।वहीं भाजपा की अंतर्कलह भी सामने खुलकर आ रही है।चुनावी वर्ष में छत्तीसगढ़ में एक बार फिर डर्टी पालिटिक्स शुरू हो चुकी है।

नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक नारायण चंदेल के बेटे पर दुष्कर्म का आरोप लग गया है। प्रकरण जांजगीर चांपा जिले का है, लेकिन उन पर केस राजधानी के महिला थाने में दर्ज कराया गया है। प्रकरण की जांच पुलिस कर रही है।नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदन के बेटे पलाश चंदेल पर लगे आरोपो पर सियासी बयान बाजी तेज होती नज़र आ रही है।इस मामले पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा है कि व्यक्तिगत किसी बात को लेकर पूरी पार्टी को लपेटा नही जा सकता।उस बात की जांच अभी जारी है।निष्कर्ष नही निकाला जा सकता पुलिस और कानून अपना काम करेगी।तो वही पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा डॉ रमन सिंह अपने बयान को देख ले उन्होंने कहा था कि बेटा गलती करे तो बाप को लटका देना चाहिए कहा था न तो फिर आज रमन सिंह अपने बयान से क्यों पलट रहे हैं।वही उन्होंने आगे कहा “पर उपदेश कुशल बहुतेरे”आदिवासी महिला के साथ अनाचार हुआ है और डॉक्टर रमन सिंह इस तरह के बयान दे रहे हैं।दूसरों के लिए कानून अलग और उसके लिए कानून अलग है एक भी भाजपा नेता ने निंदा नहीं की ।अरे कम से कम विरोध तो करना चाहिए। जब व्यक्तिगत है ये मामला तो विरोध क्यों नहीं कर रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने कहा कि “व्यक्तिगत किसी को लेकर पूरी पार्टी को लपेटा नहीं जा सकता।”

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।