आखिरकार सरगुजावासियों के उड़ान भरने का सपना अब मूर्त रूप लेता जा रहा है।केंद्र सरकार की घरेलू उड़ान योजना के अंतर्गत सरगुजा ज़िला के मुख्यालय अंबिकापुर से 15 किलोमीटर दूर दरिमा में एअरपोर्ट बनाया गया।

इस एअरपोर्ट का नाम जगत जननी मां महामाया के नाम पर मां महामाया विमान तल रखा गया।

इस एअरपोर्ट पर केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार ने भी अपना भरपूर सहयोग करते हुए यहां के रनवे का विस्तार अपने फंड से कराया।

खूबसूरत वादियों पर बने एअरपोर्ट से अब उड़ान शीघ्र ही शुरू होगी।

पहले एटीआर ( 72 सीटर ) उड़ान भरेगा।ये उड़ान रायपुर से अंबिकापुर फिर अंबिकापुर से बनारस की होगी।

वहीं छत्तीसगढ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने बताया कि “मैं लगातार केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय में मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से पत्राचार अनवरत कर रहा हूं।सप्ताह में तीन दिन यहां से दिल्ली फ्लाईट शुरू करने का आग्रह भी किया है।धीरे धीरे यहां से अन्य जगहों के लिए भी विमान सेवा की मांग की जाएगी। ‘पहल’ से कुछ देर पहले ही बात करते हुए टी एस सिंहदेव ने बताया कि मेरी ‘पहल’ हमेशा इसके विस्तार के लिए होगी।”

खूबसूरत वादियों में बना एअरपोर्ट।

आश्चर्य तो ये कि विमान सेवा के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने यहां घरेलू उड़ान योजना के अंतर्गत एअरपोर्ट के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया मगर सरगुजा की सांसद श्रीमती रेणुका सिंह की तरफ से कोई विज्ञप्ति या मैसेज मीडिया पर न आना भाजपा के सुस्त नेताओं की तरह सुस्त मीडिया विभाग के बारे में बताने के लिए काफी है।

टी एस सिंहदेव के लिखे पत्र।

गौरतलब है कि इस मामले में छत्तीसगढ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने हमेशा गंभीरतापूर्वक व तथ्य के आधार पर जानकारी दी जबकि अन्य नेता हवा हवाई बात करते रहे।

तीन सदस्यीय डीजीसीए की टीम यहां की सुविधाओं से संतुष्ट बताई जा रही है और ये संकेत दिए हैं।

By @dmin

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।