शराब घोटाले में लिप्त अनवर ढेबर पर अब यूपी की योगीराज की पुलिस के एसटीएफ का शिकंजा कस चुका है।


कल जब यूपी पुलिस ने अनवर ढेबर को गिरफ़्तार किया वैसे ही सिविल लाईन थाने में अनवर ढेबर के समर्थक पहुँच गए लेकिन उनकी दाल नहीं गली।
पहल ने बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में यूपी पुलिस के शामिल होने की बात लिखी थी जो आज सच साबित हो चुकी है।
अनवर ढेबर के बेटे जुनैद को यूपी पुलिस ने एक पर्चा लिखकर जानकारी दी है वो अब चर्चा का विषय है।
कानूनी दांव पेंच को लेकर आज यूपी पुलिस पूरी दलील के साथ रायपुर न्यायालय में पेश कर रही है और हर बात का तोड़ उसने निकाल लिया है।


अनवर ढेबर के वकील स्वास्थ्य का हवाला देने पर हैं इस पर राज्य की भाजपा सरकार ने पहले से ही अनवर ढेबर की मेडिकल जाँच जैसे पहलू तैयार कर रखे हैं जिससे यूपी पुलिस को कोई परेशानी न हो।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने अनवर को उत्तर प्रदेश पुलिस के द्वारा होलोग्राम के मामले में अपराध दर्ज होने का जानकारी देते हुए उसके बेटे जुनैद को गिरफ्तारी की जानकारी एक छोटी सी पर्ची लिखकर दी।

यूपी पुलिस की पर्ची


छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में सरकार भाजपा की है उत्तर प्रदेश के अपराधी  उत्तर प्रदेश के किसी भी जिला या थाना में जिनके विरुद्ध अपराध दर्ज है और वह दूसरे प्रदेश भाग चुके हैं या जा चुके हैं या वहां के रहने वाले हैं पुराना रिकॉर्ड बता रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस जब भी बडे अपराधियों को उन्हें गिरफ्तार करके ले गई है अचानक वहां हादसा भी होता है इसे लेकर भी अपराधियों में डर होता है।

By @dmin

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

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निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।