भूपेश जी गुस्सा गए। आखिर क्यों?
दरअसल एक राष्ट्रीय चैनल के मुम्बई के तेजतर्रार रिपोर्टर कल से रायपुर आए हैं झारखंड के विधायकों की ख़बर लेकर रिपोर्ट बनाने के लिए।
महाराष्ट्र के मुम्बई के रिपोर्टर को एक विशेष अपाइंटमेंट के तहत पूरे देश की चर्चा बने झारखंड सरकार के विधायकों मंत्रियों की रायपुर के आलीशान मेफेयर लेक रिसार्ट पर रूकने और कारणों की पड़ताल के लिए भेजा गया ।

दिन भर छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री महोदय की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की पर बघेल जी के एक दिवसीय दौरे के कारण सफलता नहीं मिली।

कल रात ही इन्हें बता दिया था कि सूबे के मुखिया भूपेश बघेल जी सुबह रायगढ़ जायेंगे पुलिस लाईन से उड़न खटोले पर।
फिर क्या था सुबह से ही ये रिपोर्टर हैलीपैड में मौजूद रहे और दनादन प्रश्न पूछने लगे जिस पर सूबे के मुखिया असहज होकर कहे कि आप ही बार बार पूछेंगे और लोग को प्रश्न करने दीजिए।
अब रिपोर्टर भी बघेल जी से कह दिए कि आप ये तय थोड़े ही कर सकते हैं सर कि आपसे कितने प्रश्न पूछें।इस पर बघेल जी फिर कहे कि नहीं दूंगा जवाब मेरी मर्जी।इस पर रिपोर्टर भी बोल दिए कि सही है ये आप तय कर सकते हैं कि जवाब दें या न दें।पर ये तय नहीं कर सकते कि आपसे प्रश्न क्यों न पूछें।

इसके बाद मुख्यमंत्री जी हेलीकॉप्टर में चले गए पर जैसे ही इन्हें पता चला कि ये रिपोर्टर मुम्बई से कवरेज के लिए आए हैं वैसे ही आकर विनम्रतापूर्वक कहा कि अरे आप हमारे मेहमान हैं। फिर हालचाल पूछा।

ये सही है कि भूपेश बघेल आज देश के लिए एक बड़ा चेहरा बन चुके हैं और छत्तीसगढ में कोई भाजपा का नेता इनका मुकाबला फिलहाल करने में सक्षम नहीं है।
लेकिन बघेल जी की आज की असहजता से ये तो तय है कि अब राज्य की कांग्रेस सरकार धीरे धीरे कुछ मामलों को लेकर चिंतित भी है और इन मामलों पर कुछ भी बोलने से बच रही है।
खैर आज ये वीडियो चर्चा का विषय बने रहा।
रिपोर्टर को भी कहा गया मुस्कुराईए क्योंकि आप छत्तीसगढ में हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।