जब सीधी भोली जनता जागती है तो बड़ी से बड़ी सत्ता डोल जाती है।आज का दिन सरगुजा ज़िले में दौरा कर रहे राज्य के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के लिए कभी न भूल पाने वाला दिन साबित हुआ।

मंत्री अमरजीत भगत को ग्रामीणों के बीच से निकालने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

दरअसल ये मामला सरगुजा ज़िले के चिरगा में ग्रामीणों के विरोध के बाद भी मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम प्लांट खोलने हेतु जमीन अधिग्रहण का है।

मां कुदरगढ़ी एलमुनियम प्लांट को लेकर प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत को ग्रामीणों ने घेरा।

ग्राम चिरंगा के ग्रामीणों द्वारा लगातार एलुमिनियम प्लांट के विरोध में किया जा रहा है प्रदर्शन।

आश्चर्य की बात तो ये है कि पिछले साल ज़िले की सांसद रेणुका सिंह भी ग्रामीणों के साथ खड़े होने की बात कहकर आईं थीं मगर एक बार जाने के बाद वो यहां दुबारा नहीं दिखीं।

विश्वस्तरीय सूत्रों की मानें तो प्लांट खोल रहा उद्योगपति हर हथकंडे अपनाकर की सौ एकड़ भूमि को प्लांट के नाम पर अपना हित साधने में लगा है और सरगुजा ज़िले के दोनों दलों के बड़े नेता इस उद्योगपति का विरोध नहीं कर रहे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।