चरण दास महंत के साथ साथ उनकी सांसद पत्नी डॉ ज्योत्स्ना महंत को भी जमकर सुना रहे हैं ग्रामीण!

विधानसभा चुनाव में मतदाताओ की नाराजगी डॉ चरणदास महंत को न पड जाए भारी!

छत्तीसगढ़़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत वर्तमान में सक्ति विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं,उनके लिए नाम बड़े दर्शन छोटे वाली कहावत सटीक बैठती है, वर्तमान में कोरबा सांसद ज्योत्सना चरण दास महंत उनके प्रचार प्रसार का जिम्मा संभाली हुई है,पर प्रत्येक गांव में उनको विरोध का सामना करना पड़ रहा है ,जनता मुखर होकर उनका प्रतिकार कर रही है, कि 5 साल बाद ही यहां दिखाई दे रहे हो, 5 साल में आप कहां थे।
जवाब में ज्योत्सना चरण दास महंत बता रही हैं, कि मैं कोरबा की सांसद हूं इसके लिए क्षेत्र में नहीं आ पाए। बाद में संगठन के कुछ नेता जनता को समझाते हुए दिखाई दे रहे हैं। अगर यही हालात रहे तो कांग्रेस के एक बड़े नेता को चुनाव में जीतना मुश्किल हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि डॉ चरण दास महंत एक बड़े नेता है इसलिए क्षेत्र के सामान्य जनता उनसे नहीं मिल पाती है। जबकि डॉ चरणदास महंत सक्ति के कुछ एक व्यापारी वर्ग के नज़दीकी बनकर रह गए हैं!

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।