महादेव एप्प से आंतकी फंडिग की आशंका, एनआईए जांच की मांग करे मुख्यमंत्री – ओपी चौधरी

अगर बघेल में नैतिकता बची हो तो तुरंत इस्तीफा दें – ओपी चौधरी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने आज महादेव एप्प को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी को घेरते हुए कहा कि इस ऑनलाइन सट्टे के जरिए आंतकी फंडिंग की आशंका है इसलिए मुख्यमंत्री को स्वयं आगे आकर इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए से जांच करवाने की पहल करनी चाहिए।

चौधरी ने कहा कि ऐसी आशंकाएं जताई जा रही है कि दुबई से संचालित महादेव एप्प को कुख्यात माफिया गिरोह डी-कंपनी का संरक्षण प्राप्त है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आंतकी घोषित माफिया डॉन दाउद के जरिए किस तरह भारत में आंतकियों को फंडिंग की जाती है यह किसी से छिपा नहीं है। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आज एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि दुबई एक इस्लामिक देश का हिस्सा है जहां जुआ, सट्टा आदि चीजों को अवैध घोषित किया गया है ऐसे में महादेव एप्प के माध्यम से दुबई में बैठकर हजारों करोड़ रुपए का ऑनलाइन सट्टा बिना किसी अंतर्राष्ट्रीय माफिया गिरोह के सहयोग के संभव नहीं है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की भूपेश सरकार युवाओं को जुए और सट्टे की बुराई में धकेल कर सैकड़ों हजारों करोड़ रुपए इकठ्ठे करने वाले महादेव एप्प के प्रमोटर्स को संरक्षण देती रही है यह बात ईडी द्वारा माननीय विशेष न्यायालय में पेश किए गए अभियोजन पत्र में साफ तौर पर लिखी गई है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए एएसआई चंद्रभूषण वर्मा ने अपने बयानों में स्पष्ट किया है कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय के शक्तिशाली अधिकारियों और महत्वपूर्ण राजनीतिज्ञों को महादेव एप्प के संचालकों से वसूले गए करोड़ों रुपए प्रोटेक्शन मनी के रूप में देता रहा है। ईडी ने अपने अभियोजन पत्र में यह भी लिखा कि एडिशनल एसपी रैंक के अफसरों को 65 लाख रुपए महीने एप्प संचालकों की तरफ से रिश्वत के रूप में दिए जा रहे थे। ऐसी स्थिति में इनसे उच्च स्तर के पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक रूप से शक्तिशाली लोगों को कितना पैसा मिलता होगा इसका अनुमान लगाना बहुत कठिन नहीं है। श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए इससे ज्यादा शर्म की और क्या बात होगी कि एक प्रतिष्ठित सरकारी एजेंसी माननीय अदालत को तमाम सबूतों के साथ यह बता रही है कि किस तरह से इस संगठित लूट को मुख्यमंत्री कार्यालय के शक्तिशाली अधिकारी और राजनेता रिश्वत लेकर संरक्षण दे रहे थे।

भाजपा प्रदेश महामंत्री चौधरी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनैतिक बदले की भावना से ईडी के जरिये कांग्रेस सरकार को परेशान करने के आरोप पर कहा कि ईडी ने इस मामले में सुपेला पुलिस द्वारा मई 2022 में मामला दर्ज किए जाने के बाद महादेव एप्प की जांच शुरु की है। ऐसे में मुख्यमंत्री का आरोप बेतुका और बौखलाहट से भरा है। दरअसल, कांग्रेस सरकार और उसकी पुलिस ने महादेव एप्प के सरगनाओं से और अधिक पैसा ऐंठने की नीयत से दिखावटी कार्रवाई शुरु की थी जिसमें स्थानीय स्तर पर सट्टेबाजी का काम देख रहे इस गिरोह के छोटे-मोटे गुर्गों को बलि का बकरा बनाकर असल चेहरों को बचाया जा सके। श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गरीब और भोले भाले युवाओं को ऑनलाइन जुए की लत लगाकर संगठित गिरोह के माध्यम से लूटने के इस पूरे मामले का स्वरूप काफी व्यापक है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान में महादेव एप्प और इसके सहयोगी रेड्डी अन्ना के 50 लाख यूजर्स अनुमानित है। इन यूजर्स के माध्यम से इस गिरोह के सरगना करीब एक हजार करोड़ से भी अधिक धन विदेश भेज रहे है। इस काम में गिरोह ने तकरीबन 20 हजार कॉर्पोरेट, करंट, सेविंग बैंक खातों और तकरीबन 250 से ज्यादा शैल कंपनियों का इस्तेमाल करते आ रहा है। भूपेश बघेल ने इतने बड़े पैमाने पर हो रही इस लूट पर समय रहते एक्शन क्यों नहीं लिया। अगर उनमें जरा भी नैतिकता है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

बहरहाल ये तो तय है कि इस ऑनलाइन एप पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया साथ ही जब देश के बाहर से भी बड़ी रकम के लेनदेन की बात अब प्रमाण सहित सामने आ रही है ऐसे में राज्य के ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों समेत पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर भी बेहद गंभीर प्रश्न चिन्ह लगने स्वाभाविक हैं।

बात जब राष्ट्रीय अस्मिता की हो तो ये पक्ष विपक्ष से परे देशहित का मुद्दा बन जाता है जिसपर कोई भी हो यदि उसने पद का दुरुपयोग किया हो तो इस पर कड़ी कार्यवाही की आवश्यकता है ।

हालाँकि आज इस पर मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भी स्पष्ट किया है कि वो खुद इस बारे में कार्यवाही के लिए पहले ही पुलिस को लिखे हैं।साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि मैं एक पत्रकार हूँ और मुझ पर एक मैगज़ीन पर जो लिखा गया है वो मनगढ़ंत है और उस पर मैं क़ानूनी कार्यवाही करूँगा।

निःसंदेह किसी को भी किसी का चरित्र हनन का अधिकार कतई नहीं है।

इस मामले पर निष्पक्ष जाँच की माँग सत्ता पक्ष को भी राष्ट्र के हित में सामने आकर अपने सच्चे दायित्व का निर्वाह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर करना चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।

By @dmin

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