ED की छत्तीसगढ़ समेत कई जगह मेडिकल कॉलेज घोटाले में बड़ी रेड। रायपुर में कई लोगों के यहां छापा।

प्रवर्तन निदेशालय (ED)
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई

तलाशी जिन स्थानों पर की गई है, उनमें कई राज्यों में स्थित 07 मेडिकल कॉलेजों के परिसरों के अलावा FIR में नामित कुछ निजी व्यक्तियों के आवास और कार्यालय भी शामिल हैं।

आरोप है कि मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारी कॉलेजों से जुड़े प्रमुख प्रबंधकीय व्यक्तियों और बिचौलियों को उपलब्ध कराई गई, जिससे वे निरीक्षण मानकों में हेरफेर कर सकें और मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक कोर्स संचालित करने की अनुमति प्राप्त कर सकें।

तलाशी जिन स्थानों पर की गई है, उनमें कई राज्यों में स्थित 07 मेडिकल कॉलेजों के परिसरों के अलावा FIR में नामित कुछ निजी व्यक्तियों के आवास और कार्यालय भी शामिल हैं।CBI द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक आरोपित व्यक्तियों के नाम :

  1. रावापुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च (SRIMSR), रायपुर, छत्तीसगढ़
  2. रवि शंकर जी महाराज, चेयरमैन, श्री रावापुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च (SRIMSR), रायपुर, छत्तीसगढ़
  3. अतुल कुमार तिवारी, निदेशक, श्री रावापुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नवा रायपुर, छत्तीसगढ
  4. डॉ. अतिन कुंडू, (पुत्र श्री एन.के. कुंडू), श्री रावापुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नवा रायपुर
  5. लक्ष्मीनारायण चंद्राकर, अकाउंटेंट, श्री रावापुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नवा रायपुर
  6. संजय शुक्ला (पुत्र श्री कृपा शंकर शुक्ला), श्री रावापुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नवा रायपुर

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।