छत्तीसगढ सराफा एसोसिएशन ने गृहमंत्री को कड़े शब्दों में पत्र लिखा है।

छत्तीसगढ के सराफा एसोसिएशन ने दुर्ग ज़िले की खौफनाक वारदात के बाद बहुत ही तल्ख लहज़े में गृहमंत्री को पत्र लिखा है।

पत्र में लिखा है कि दिनदहाड़े ज्वेलर्स सुरेश सोनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रोज अखबार हत्या,लूट जैसी वारदातों से भरे होते हैं।प्रदेश की जनता बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित है।पुलिस प्रशासन चुस्त-दुरुस्त नहीं है वहीं अपराधियों में प्रशासन का भय ही नहीं है।

“हम आपकी व्यवस्था से प्रसन्न नहीं हैं।”

बात सही भी है क्योंकि आमजन में वाकई असुरक्षा की भावना घर करती जा रही है जो छत्तीसगढ राज्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

यदि पिछले दिनों पर गौर करें तो कुछ जगहों पर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस वालों की ही पिटाई हो गई है।

खाकी की धमक और चमक अब अपराधियों की करतूतों से गायब होती जा रही है।

देखना ये है कि सराफा एसोसिएशन की पीड़ा जो शब्दों में पिरोकर सील मोहर लगाकर भेजी गई है इसे गृहमंत्री गंभीरता से लेते हैं या राज्य की निष्क्रिय हो चुकी कानून व्यवस्था को साइलेंट मोड पर ही पड़े रहने देना चाहते हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।