भारतीय संस्कृति में कार्तिक मास का विशेष महत्व है।इसी माह में दीपोत्सव के बाद चित्रगुप्त पूजा भी होती है।भगवान चित्रगुप्त को प्रत्येक व्यक्ति के कर्म का हिसाब किताब पूरी तरह से नीर क्षीर होकर रखने वाला माना जाता है।

दीपावली के ठीक बाद द्वितीया तिथि को भगवान चित्रगुप्त की पूजा कर भाई दूज मनाने की भी परंपरा हमारे धर्म में है।

छत्तीसगढ के छोटे और साफ सुथरे शहर अंबिकापुर में गुदरी बाज़ार में भगवान चित्रगुप्त का मंदिर है।यहां कायस्थ समाज के द्वारा प्रतिवर्ष इस दिन भव्य पूजा कर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाते हैं।

भगवान चित्रगुप्त की शोभा यात्रा अंबिकापुर में।
कायस्थ समाज के अध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने कहा कि विगत 7 वर्ष से ये शोभा यात्रा निकाली जा रही है।

आज अंबिकापुर के मुख्य जगहों से भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसका स्वागत जगह जगह प्रत्येक समाज के लोगों ने भरपूर उत्साह के साथ किया।

शोभा यात्रा में पुरूषों के साथ साथ महिलायें व कायस्थ समाज की लड़कियों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

शोभा यात्रा का स्वागत जगह जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर जैसे ही किया वैसे ही लोगों के मुंह से निकला कि आज भी इस छोटे से शहर में जो भाईचारा और प्रेम है वो हरेक जगह के लिए एक मिसाल है।

विशाल शोभा यात्रा आज आकर्षण का केंद्र बनी रही।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।