आरोपी आरक्षक मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के ज़िले का है।महादेव एप जैसे विवादित एप सट्टे के लिए कमीशन बाजी की बात होनी बताई जा रही है।हालांकि एसपी ने इसे कल सामने आते ही निलंबित कर दिया है।

यह वीडियो जैसे ही हमारे पास आया वैसे ही बगैर इसमें कोई छेड़छाड़ और बिना प्रस्तुत कर रहा हूं इसमें कुछ जगह सिपाही द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया गया है कृपया परिवार के साथ ना देखें।
यह घटना जो बताई जा रही है दुर्ग जिला के भिलाई के पास है और इसी से कुछ किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ सरकार का और कांग्रेस पार्टी का आज 21 मई रविवार को भरोसे का सम्मेलन।
आयोजित होने वाला है।
आपसी लेनदेन की बात कर रहे इस कांन्स्टेबल का नाम उपेंद्र कुमार तिवारी है।दुर्ग ज़िले में पदस्थ वैनाली नगर थाने में पदस्थ ये पुलिस वाला आपसी लेनदेन की बात सट्टा के संचालन के लिए कर रहा है।रिपोर्ट आलोक शुक्ला संवाददाता।
गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के गृहज़िले का ये वीडियो हैरान कर देने वाला है।उसपर आज ही भरोसे का सम्मेलन है।

आईजी डाॅक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया कि “जानकारी मिलते ही मैंने इसे तत्काल निलंबित कर दिया है कल ही।ये वीडियो दो साल पुराना भी हो सकता है।”

बहरहाल अब लोग पूछ रहे हैं सरकार किस पर भरोसा करें? वाकई ये गंभीर प्रश्न है जिसका चिंतन अब सरकारी तंत्र से हटकर आमजन को भी करना होगा जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद न हो।

एसपी ने किया निलंबित।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।