छत्तीसगढ में आदिवासी समाज आरक्षण के मुद्दे पर अब तेजी से एकजुट होकर हर तरीके से विरोध करने का मन बना चुका है।

देखिए छत्तीसगढ सर्व समाज के द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति।

12% आरक्षण कम होने को लेकर आदिवासी समाज बहुत आक्रोश में है।सर्व आदिवासी समाज ने एकजुट होकर अब राज्य की कांग्रेस सरकार पर सीधे प्रहार कर कहा है कि मुख्यमंत्री भी एक महीने से इस मुद्दे पर आश्वासन ही दे रहे हैं। अभी तक सरकार सुप्रीम कोर्ट भी नहीं पहुंच पाई है।

वहीं इस मुद्दे पर आदिवासी समाज के लोग अफने आदिवासी नेताओं को भी सीधे सीधे घेरने का मन बना चुके हैं।ऐसे आदिवासी नेता जिनका सत्ता में आने पर चाल चरित्र बदल गया है उनके लिए अब उन्हीं के आदिवासी समाज के लोग दो टूक बात करने की जगह उनका विरोध का मन बना चुके हैं।

1 नवंबर से 3 नवंबर तक राज्योत्सव में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य का पूर्णतया बहिष्कार कर राजधानी रायपुर समेत ज़िलों में भी विरोध किया जाएगा।साथ ही हर जगह सांसद,मंत्रियों व विधायकों के निवास के सामने ढोल नगाड़े बजाकर दमदार विरोध किया जाएगा।

15 नवंबर को पूरे छत्तीसगढ राज्य में आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी व मालवाहक वाहन के अतिरिक्त ट्रेन रोकने का आंदोलन भी शामिल किया जाएगा।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।