सीबीआई की

छत्तीसगढ़ में सीबीआई की टेरिफ में आरिफ़ शेख समेत कई बड़े आईपीएस अधिकारी आख़िर आ ही गए।
आज सुबह जैसे ही सीबीआई का बड़ा सर्च ऑपरेशन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर शुरू हुआ वैसे ही एकाएक ये ख़बर जंगल में आग की तरह फैल गई।
एकदम सुबह सुबह जैसे ही सीबीआई ने छापा मारा उसमें आईपीएस आरिफ़ शेख,आईपीएस प्रशांत अग्रवाल,आनंद छाबड़ा समेत अभिषेक माहेश्वरी समेत पुलिस अधिकारी संजय ध्रुव भी शामिल है ।
ये तय है कि ये सब अब जांच एजेंसी के हत्थे चढ़ चुके हैं और अब भूपेश बघेल सरकार की पूरी चंडाल चौकड़ी पर सीबीआई का शिकंजा कसने जा रहा है।
इस मामले को लगातार भाजपा के कार्यालय प्रभारी नरेश चंद्र गुप्ता ने दमदारी के साथ प्रमाण सहित बीच बीच में प्रधानमंत्री मोदी समेत सरकार को सूचित किया।
वहीं पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर भी लगातार इन सबकी शिकायत करते रहे और आख़िरकार आज एक साथ इन सबके यहाँ सीबीआई की रेड से छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में हड़कंप मच गया है।

हालांकि ये शिकायती दस्तावेज हैं जिन्हें हमें भेजा गया है हम इसकी पुष्टि नहीं करते लेकिन इतने बड़े भ्रष्टाचार पर जिन्होंने शिकायत की हम उनका नाम प्रमाण सहित आप तक पहुंचा रहे हैं।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।