छत्तीसगढ़ के भाजपा के कार्यकर्ता और वे नेता जो निगम मंडल और आयोग में अध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं सदस्य बनना चाहते हैं उनमें अब चिंता की लकीरें नजर आने लगी है उनके बीच चर्चा राजधानी रायपुर में भी यह चल रही है कि किस-किस निगम में किस-किस को कौन-कौन से पद पर पितृपक्ष में नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया था लेकिन शुभ दिन का इंतजार के कारण वह सभी आदेश धीरे-धीरे अब नवरात्रि में प्रथम दिन निकलने लगे हैं।

राज्य महिला आयोग में जूदेव परिवार की प्रियंवदा सिंह जूदेव को जगह दी गई है।

सूबे के मुखिया विष्णुदेव साय हमेशा जूदेव राजपरिवार का सम्मान करते रहे हैं इसलिए स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की बहू प्रियंवदा सिंह जूदेव को भी राज्य में महिला आयोग के 4 सदस्यों की नियुक्ति में शामिल किया है।

गौरतलब है कि जूदेव राजपरिवार की छोटी बहू संयोगिता सिंह जूदेव भाजपा की विधायक हैं यानि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दो बेटों की मृत्यु के बाद ससम्मान इनकी बहुओं को जगह दी गई जबकि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को भी भाजपा ने टिकट दी थी लेकिन भाजपा की लहर के बाद भी वो चुनाव हार गए जबकि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के  छोटे भाई स्वर्गीय युद्धवीर सिंह जूदेव की यत्नी संयोगिता सिंह जूदेव चुनाव भी चुनाव हार गई थीं।

स्पष्ट है कि जूदेव राजपरिवार के दो सदस्य को विधान सभा की टिकट दी गई लेकिन वो चुनाव हार गए इस कारण अब एक अन्य सदस्य को महिला आयोग का सदस्य बनाया गया।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।