राजस्थान की चिड़ावा पंचायत समिति की प्रधान इंद्रा डूडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जो विवादित बयान दिया था उसे लेकर भाजपा आक्रामक होती नज़र आ रही है।

ये है पूरा मामला।

कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल
झुंझुनू के सुलताना कस्बे के रामलीला मैदान में दिया वहां की प्रधान इंद्रा डूडी का एक बयान इन दिनों विवाद का बड़ा कारण बना हुआ है। गहलोत सरकार में परिवहन मंत्री बृजेंद्र ओला की मौजूदगी में मंच से इंद्रा डूडी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिंदू-मुस्लिमों को लड़ाने का काम कर रही है। राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए मोदी सरकार यह गलत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुसलमान भाई दिन में पांच बार नमाज पढ़ते हैं, लेकिन हिंदुओं जितनी संख्या उनकी होती तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन में सात बार नमाज पढ़ते।

इस बयान के बाद वहां के लोगों समेत भाजपाईयों में काफी रोष है।देखना है कि अब कांग्रेस की इस नेत्री के विरूद्ध क्या कार्यवाही होती है।वैसे भी कांग्रेस शासित राजस्थान में सांप्रदायिक सद्भाव ध्वस्त है, पहले भी दंगे हो चुके हैं।ऐसे में इस तरह का बयान वो भी सत्ता पक्ष की नेत्री के मुंह से तो कदापि उचित नहीं है।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।