युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी।

बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटना इतने मामलों के बाद भी रूक नहीं रही।आज एक और घटना घटी है।

विदिशा ज़िले की लटेरी तहसील के खेरखेरी पठार गांव में कच्चे बोरवेल में गिरे 7 वर्षीय बालक के सकुशल निकालने के लिए ज़िला प्रशासन का दल युद्धस्तर पर प्रयास प्रारंभ कर चुका है।कलेक्टर उमाशंकर भार्गव सहित बचाव दल और अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लटेरी ने बताया है कि घटना आज सुबह 11 बजे की है जब बालक लोकेश अहिरवार बंदरो का पीछा करते हुए बोरवेल में गिर गया।प्रशासन ने तत्काल बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए है।
बिना केसिंग के 60 फीट के बोरवेल में बच्चे के 43 फीट पर फसे होने का अनुमान है। 11.30 बजे से बच्चे तक आक्सीजन पहुंचाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बोर में अंधेरे में देखने वाले नाइट विजन कैमरे को भी पहुंचाया गया है,कैमरा बच्चे की गतिविधि की जानकारी देगा।
घटना स्थल पर जे सी बी सहित अन्य मशीनों ने भी काम प्रारंभ कर दिया गया है।बचाव स्थल के पास पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तैनात की गई है।


बोरवेल में गिरे 7 वर्षीय बालक का रेस्क्यू करने के लिए भोपाल से एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी है यहां लगभग आधा दर्जन जेसीबी के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है इस दौरान जिले के कलेक्टर, एडिशनल एसपी सहित भारी मात्रा में स्थानीय पुलिस फोर्स के साथ अन्य लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है साथ ही प्रशासन पूरी मुस्तैदी से रेस्कयू करने की तैयारी में जुटा हुआ है ताकि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके ।

लड़के की मां इस ख़बर को सुनते ही बेहाल हो गईं।स्थानीय लोग व प्रशासन का अमला लगातार जुटा हुआ है।
नाईट विजन कैमरे से बोरवेल में फंसे बच्चे की हालत पर लगातार नज़र रखी जा रही है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।