बागेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं।धर्मांतरण पर छिड़ी जंग के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सिद्धियां मिलती हैं।रामकृष्ण परमहंस और भगवान बुद्ध इन दोनों को मैं मानता हूं फिर इनका उदाहरण दिया।सिद्धियों से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन चमत्कार नहीं दिखाना चाहिए, सिद्धियों का प्रयोग चमत्कार दिखाने में नहीं करना चाहिए,ये बड़े विद्वान लोगों ने कहा है।चंगाई सभा में भी यहीं चमत्कार है, इससे जड़ता आती है. धर्म बचान।उन्होंने कहा कि चमत्कार दिखाने से समाज में जड़ता आती है।इसे avoid करना चाहिए।

भूपेश बघेल ने कहा चमत्कार समाज में जड़ता लाते हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर दिए गए बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आई है।सांसद सुनील सोनी ने कहा कि शास्त्री का बड़ा उद्देश्य है ।जो छग में बड़ी तेजी से धर्मांतरण हो रहा है, वो रुके इस मुद्दे को मैंने लोकसभा में भी उठाया था।बस्तर के अंदर अदिवासी नृत्य भी विलुप्त हो रहा है।वहीं सुनील सोनी ने कहा कि यह धर्मान्तरण के कारण हो रहा है।देश से अलग करने करने षड्यंत्र चल रहा है, इसका हम विरोध करते हैं।सब अपने धर्म में वापस लौटे, इसलिए धीरेंद्र शास्त्री प्रयास कर रहे हैं।हम उनके समर्थन में है,धर्म मंच को चुनौती देना अनैतिक है।छत्तीसगढ सरकार के आबकारी मंत्री जिस तरह की भाषा बोल रहे हैं वो निंदनीय है।

सांसद सुनील सोनी ने खुलकर धीरेन्द्र शास्त्री का समर्थन किया।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।