एंकर -सरगुजा संभाग में आस्था के नाम पर करोड़ों रुपए ठगी करने का मामला सामने आया है. जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों से हज यात्रा के नाम पर अंबिकापुर के जामा मस्जिद के ऊपर बने अजीजी इंटरनेशनल टूर एंड ट्रेवल्स के नाम से संचालित ऑफिस से सैकड़ों की संख्या में लोगों से ठगी की गई हैं. दरसअल पुलिस के मुताबिक सरगुजा संभाग में 125 से 150 की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हज यात्रा के नाम पर 60 हजार प्रति व्यक्ति का रसीद कटवाया गया था।हालांकि चश्मदीद बता रहे हैं कि पूरे संभाग में लगभग 600 पीड़ित हैं।जिसके बाद निर्धारित तिथि के दिन हज यात्री मुंबई के लिए भी रवाना हुए थे। जहां से उनकी फ्लाइट थी। लेकिन जब फ्लाइट में जाने की बारी आई तब तक टिकट ना मिल पाने की वजह से मुस्लिम समुदाय के लोग हज यात्रा के लिए नहीं जा सके। जिसके बाद कई लोगों को वहां से वापस भी आना पड़ा। वहीं बीते दिनों में भी कई लोगों को हज यात्रा के लिए जाना था। लेकिन उन्हें एक दूसरे से जानकारी लगी कि वह ठगी का शिकार हो गए हैं। जिसके बाद इसकी शिकायत अंबिकापुर के कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है।

आरोपी इमरान रजा

इधर पुलिस ने आरोपी इमरान रजा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।बहरहाल हज यात्रियों की माने तो इस अजीजी इंटरनेशनल टूर एंड ट्रेवल्स के द्वारा 300 से अधिक लोगो से करोड़ों की ठगी की गई है। अब देखना होगा कि इसके पीछे किसका हाथ है या खुद ही इतने बड़े रैकेट के अंजाम देने में लगा रहा। देखना होगा कि पुलिस आगे की जांच में क्या खुलासे कर पाती है।

पीड़ित लोग काफी संख्या में अंबिकापुर कोतवाली पहुंच कर अपनी पीड़ा सुना रहे।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।