मोहन भागवत 9 सितंबर की बजाय कल से ही रायपुर के दौरे पर रहेंगे।उनके कार्यक्रम के इस बड़े फेरबदल से भाजपा समेत कांग्रेस में भी बेचैनी बढ़ गई है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत जी 6 सितंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंच रहे हैं।


हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय बैठक 10 सितंबर से 12 सितंबर तक रायपुर में होने जा रहे हैं संघ के सूत्रों के अनुसार बाकी अखिल भारतीय पदाधिकारी और अनुषांगिक संगठन के पदाधिकारी 9 सितंबर की संध्या तक कार्यक्रम स्थल जैनम भवन एयरपोर्ट के सामने बैठक के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। लेकिन आर एस एस के प्रमुख अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से तीन दिन पहले रायपुर आ रहे हैं इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ में अब आर एस एस बहुत तेजी से एक विशेष रणनीति के तहत काम करने जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार पिछले ढाई वर्ष में अंदरूनी तौर पर छत्तीसगढ के एक एक क्षेत्र का बहुत बारीकी से आंकड़ा एकत्र करवाया गया है।इसमें ऐसे चुनिंदा लोग भी शामिल हैं जिन्हें भारत के हर क्षेत्र की गहरी जानकारी है और वे खाली संगठन के लिए बेहद प्रोफेशनल तौर पर समर्पित होकर काम करते हैं।

इन्हीं सबका परिणाम अब छत्तीसगढ में देखने को मिलेगा ऐसा जानकारों का मानना है।

बहरहाल अब सितंबर से नवंबर महीने तक का समय छत्तीसगढ की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होने वाला होगा।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।