ED कोर्ट पेशी सुनील अग्रवाल की जमानत की सुनवाई पर फैसला सुरक्षित।

कोयला परिवहन घोटाले में जेल में बंद आईएएस समीर बिश्नोई, सूर्यकांत तिवारी, सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को आज फिर कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है।

साथ ही इन सभी को कोर्ट ने 6 दिसम्बर तक जेल अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। ईडी मामले पर आज की सुनवाई समाप्त हो चुकी है और इसी के साथ 6 दिसंबर तक के लिए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। सभी आरोपी 14 दिनों की ज्युडिशनल रिमांड पर रहेंगे। विशेष अदालत ने आई ए एस समीर विश्नोई को जमानत नहीं दी। उनके वकील बुधवार को जमानत की अर्जी लेकर अदालत पहुंचे थे। इस मामले में बहस हुई। जज अजय सिंह राजपूत की अदालत ने वकीलों की दलीलों को सुना मगर जमानत देने से इंकार कर दिया।आपको बता दे कि आज सूर्यकांत तिवारी, निलंबित आईएएस समीर विश्नोई, कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को पेश किया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक कर्नाटक के एक मामले को लेकर आज सुनील अग्रवाल की जमानत याचिका लगाई गई थी। जिसके कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब 14 दिनों बाद दुबारा 6 दिसंबर को इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बाईट – एन के सिंह (वकील सुनील अग्रवाल)
बाईट – बृजेश मिश्रा (ईडी वकील)

ईडी मामले पर सुनवाई खत्म
14 दिनों के लिए बड़ी न्यायिक रिमांड
6 दिसंबर को दुबारा किया जायेग पेश।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।