जंगल में मशीनों को लगाकर तेजी से पेड़ की कटाई चल रही है।

छत्तीसगढ में हसदेव अरण्य में अदानी के MDO वाले कोयला खदान PEKB-2 के लिए बीती रात से ही प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्था कर ली थी।

सरकार के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंह देव ने ग्रामीणों के लिखे ख़त का हवाला दिया ज़रूर है मगर यहां के लगभग डेढ़ लाख से अधिक पेड़ काटे जायेंगे।

जबकि यहीं के लोगों के साथ मिलकर कांग्रेस के राष्ट्रीय व राज्य के नेताओं ने इस जंगल को,यहां की प्रकृति को बचाने का वादा कर इनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का वादा किया था।

वहां के लोग कह रहे हैं कि क्षेत्र में भारी संख्या में फोर्स लगाकर ग्रामीणों को बाहर ही रोक दिया जा रहा है।

सत्ता का चरित्र भी कितना अजीब होता है।आदिवासी हितों की बात करने वाले और विकास की गंगा बहाने वाले सरगुजा संभाग के आदिवासी नेता भी इस पर मौन हैं।

वहीं वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार पांडेय इसे लेकर कह रहे हैं कि सरकार रूख साफ़ करे।

बहरहाल पर्यावरण को लेकर चिंतित राज्य समेत देश भर से इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है।

कई संगठन इसे लेकर अलग अलग शहरों में विज्ञप्ति भी देने वाले हैं।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।