
1880 करोड़ के बड़े रैकेट को हिला कर रखने वाले IPS राहुल बंसल की पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव से बंद कमरे में लंबी मुलाक़ात का राज।
IPS राहुल बंसल का नाम चर्चा में है।युवा IPS राहुल बंसल ने 1880 करोड़ रुपये के सायबर फ़्रॉड के एक बड़े रैकेट को पकड़ने में बहुत कम समय में ही हिला कर रख दिया इतना ही नहीं राजस्थान के रहने वाले युवा IPS ने यूपी, बिहार, हरियाणा, राजस्थान,महाराष्ट्र, गुजरात जैसे बड़े राज्यों से 23 लोगों को पकड़ा और जेल में भी डाल दिया और इसके बाद शुरू हुई आईपीएस को आर्थिक अपराध करने वाले गिरोह के द्वारा षड्यंत्र के तहत चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश।
चूँकि राहुल बंसल अंबिकापुर में पदस्थ थे इसलिए यहीं से वो टीम बनाकर बड़े रैकेट जिसके तार दुबई से जुड़े थे उसे पकड़ने में लगे थे लेकिन सट्टेबाजों के तार स्थानीय लोगों समेत कुछ पुलिस वालों से भी जुड़े थे जिसके चलते इनके विरुद्ध अंबिकापुर से ही साज़िश शुरू हुई।
यहीं के एक व्यक्ति ने 21 लाख का फ्राड होने की शिकायत की और बाद में मामले ने दूसरा रंग लेना शुरू किया।
सवाल ये कि जब फ्राड 21 लाख का है तो एक करोड़ की रिश्वत की बात का जन्म किस साज़िश के तहत हुआ?
मामले में एक आरोपी के साले ने सीधे सीबीआई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा दिया 27जुलाई को सीबीआई कोर्ट में पहली सुनवाई हुई इसके बाद राहुल बंसल जुलाई के अंत में ही छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव के अंबिकापुर में स्थित कोठी घर में उनसे मिलने पहुँचे।
बंद कमरे में एक घंटे की लंबी मुलाक़ात में कुछ देर तक इन दोनों के अलावा आदित्येश्वर शरण सिंह देव भी रहते हैं जो बाद में विन्धयेश्वर शरण सिंह देव के आने के बाद उनके साथ निकल कर कहीं और के लिए निकल जाते हैं।
इन दोनों के जाने के बाद भी टी एस सिंहदेव और राहुल बंसल अकेले में भी लंबी चर्चा करते रहते हैं।
मुलाक़ात को शहर की कानून व्यवस्था पर एक चर्चा का नाम दिया जाता है लेकिन इस नाम की आड़ में राहुल बंसल और सिंहदेव की इस बड़े रैकेट पर भी गंभीर चर्चा होती है।
राजनीति रूपी शतरंज के बड़े बोर्ड में सिंहदेव इस बार घोड़े की ढाई घर की चाल लगातार चल रहे हैं ये दिख भी रहा है चाहे वो गैंग्स ऑफ वासेपुर अंबिकापुर कनेक्शन पर उनका बेबाक और आक्रामक बयान हो या अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई पर।चूँकि सिंहदेव को पूरे शहर समेत संभाग व राज्य के हर क्षेत्र की गहरी जानकारी है इसलिए उनसे मिलकर कुछ लोगों के बारे में चर्चा की सलाह राहुल बंसल को पुलिस के आला अधिकारियों ने दी थी और इस पर युवा आईपीएस ने अमल किया।
अमल करते ही राहुल बंसल के हाथ सरगुजा की फ़िज़ाओं में तैर रही वो तमाम जानकारियाँ प्रमाण सहित मिलने लगीं जिसकी उन्हें तलाश थी।
सिंहदेव ठहरे घुटे हुए राजनेता सो उन्होंने इसे औपचारिक मुलाक़ात बताया लेकिन अपने कुछ लोगों को युवा आईपीएस को कुछ बड़ी जानकारियाँ उपलब्ध कराने का इशारा कर दिया।
सूत्रों की मानें तो सिंहदेव के इस इशारे के बाद कई महत्वपूर्ण क्लू और काग़ज़ मिलते चले गए।
सूत्रों की मानें तो सिंहदेव के कुछ परंपरागत विरोधी में कुछ तिकड़म बाज लोग भी इस रैकेट का खुलासा करने में तुले युवा आईपीएस के रास्ते में रोड़ा अटका रहे थे जिनकी पोल पट्टी अब आईपीएस के पास है और कुछ बडे अधिकारियों तक भी पहुंच चुकी है।
युवा आईपीएस भी मन बना चुके हैं कि समय आने पर इन कागजातों का भरपूर इस्तेमाल तो होगा ही साथ ही ये सब तथ्य राज्य के ख़ुफ़िया विभाग समेत केंद्रीय एजेंसियों तक को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बहरहाल आईपीएस का मामला सीबीआई कोर्ट में है और अब कई प्रमाण भी आईपीएस के हाथ लग चुके हैं जिससे कुछ आईपीएस ख़ासतौर पर सरगुजा आईजी जो स्वयं आईआईटी के छात्र रह चुके हैं वो अंदर ही अंदर इसे कई जगह पहुंचा रहे हैं।
आलोक शुक्ल,संपादक पहल।
