सुप्रीम कोर्ट में आज शुक्रवार को  महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।इसमें याचिका के निपटारे में

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि — जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की जनहित याचिका समय से पहले ही दायर की गई है, क्योंकि आंतरिक जांच चल रही है।

अगर आंतरिक जांच में उन्हें दोषी पाया जाता है, तो सीजेआई संजीव खन्ना के पास एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने या सरकार को उन्हें हटाने की सिफारिश करने का विकल्प होगा
जहां तक तीसरे प्रतिवादी (न्यायमूर्ति वर्मा) के खिलाफ शिकायत का सवाल है, सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से यह स्पष्ट है कि आंतरिक प्रक्रिया अपनाई गई है और जांच जारी है। समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद, भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष कई विकल्प खुले रहेंगे। इस स्तर पर, हस्तक्षेप करना प्रासंगिक नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर मिले नगदी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर जस्टिस अभय एस ओका की पीठ में सुनवाई पर पूरे देश की नज़र थी।

इस मामले पर याचिकाकर्ता के प्रश्न पर पीठ ने ये बात कही।

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई में
सभी मीडियाकर्मी और आम लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई, सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन घटना के बारे में क्यों नहीं बताया?: याचिकाकर्ता

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।