
नहीं रहे मशहूर फ़िल्म अभिनेता मनोज कुमार। 87 साल की उम्र में मुंबई के धीरूभाई कोकिलाबेन अस्पताल में मनोज कुमार ने अंतिम सांस बीती रात 3.55 पर ली। मनोज कुमार को भारत कुमार के नाम से भी जाना जाता है।देशभक्ति की फ़िल्म बनाने में उनका कोई सानी नहीं था। उपकार, रोटी कपड़ा और मकान ,क्रांति जैसी फ़िल्म ने समाज को एक सुंदर संदेश दिया।वहीं मनोज कुमार की फ़िल्म हिमालय की गोद में,पत्थर के सनम,गुमनाम, शहीद,शोर समेत तमाम फ़िल्म आज भी दशकों पुरानी होने के बाद लोगों को तरोताजा कर देती हैं।
मनोज कुमार देश के लिए हमेशा उम्दा करने के लिए जाने जाते रहे हैं।जब लोग देश को इंडिया, हिंदुस्तान कहकर पुकारते थे उस समय मनोज कुमार ने हमारे देश को फ़िल्मी पर्दे पर इतनी सुंदरता के साथ ‘भारत’ कहकर प्रदर्शित किया कि ये आमजन समेत अन्य देशों में भी गूंजने लगा।
70 के दशक में फ़िल्म ‘पूरब और पश्चिम’ में “है प्रीत जहां की रीत सदा” गीत हर भारतवासी के सिर चढ़कर बोला और लोग जीरो दिया मेरे भारत ने,दशमलव बताया भारत ने के माध्यम से देश की गौरवशाली परंपरा को आत्मसात किया।
स्पष्ट है मनोज कुमार ने देश की संस्कृति और सभ्यता को जन जन तक जिस सुंदरता के साथ पहुंचाया वो उन्हें देश के सच्चे सपूत की श्रेणी में स्थापित कर चुका है।
‘पहल’ परिवार सच्चे सपूत और देशभक्त अभिनेता को श्रद्धापूर्वक श्रद्धा सुमन अर्पित करता है।
आलोक शुक्ल, संपादक ‘पहल’।