
IPS राहुल बंसल पर एक करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाने वाला पक्ष तीन बार से सीबीआई न्यायालय में अलग अलग दलील देकर नहीं आ रहा है। ऐसे में अब शक की सुई विरोधी पक्ष पर भी घूम रही है।
चूंकि मामला हाई प्रोफाइल है और IPS के ऊपर संगीन आरोप का है इसलिए सीबीआई न्यायालय भी लगातार आरोप लगाने वाले को मौका दे रही है लेकिन बार बार इस गंभीर मुद्दे पर जब आरोप लगाने वाली पार्टी ही पिछले 3 बार से नहीं आ रही है वो भी पिछले बार जुर्माना लगाने के बाद भी ऐसे में अब कुछ जानकर बोल रहे हैं कि IPS पर जिस तरह से आरोप लगाया गया उसे यदि माननीय न्यायालय में विरोधी पक्ष प्रमाणित नहीं करता है तो ये बेहद गंभीर विषय है।
इससे साफ़ है कि एक बड़े रैकेट को युवा आईपीएस ने हिलाकर रख दिया है। हालांकि अब अगली सुनवाई 21 सितंबर को तय हुई है लेकिन विरोधी पक्ष की जज बदलने की बात भी सामने आ रही है ये अपने आप में सवाल है कि प्रमाण नहीं यदि राहुल बंसल के विरुद्ध तो इसे लेकर सीधे सीबीआई न्यायालय में विरोधी पक्ष क्यों गया है?




मामले को किसी दूसरे सक्षम न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग क्यों की जा रही है ये भी मामला अपने आप में सवाल है।
आलोक शुक्ल,सम्पादक पहल।
