विधायक बृजमोहन की पुलिस को चेतावनी, यदि पत्रकार को नहीं मिला न्याय तो सड़क पर उतरेगी भाजपा।

बृजमोहन अग्रवाल हमेशा से अपने तीखे तेवर को लेकर जाने जाते रहे हैं आज बृजमोहन अग्रवाल अंबिकापुर में पत्रकार की रिपोर्ट पर कार्यवाही न करके उल्टा काऊंटर रिपोर्ट पर यहां के ज़िला प्रशासन पर जम कर भड़के।साथ ही कहा कि पूरे प्रदेश में पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है।ये एकदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बृजमोहन अग्रवाल सरगुजा ज़िले के अंबिकापुर में प्रशासन और पुलिस पर जमकर भड़के।कहा अंजाम भुगतना होगा यदि सत्ता के इशारों पर काम किए और नियमों की अनदेखी किए।

सरगुजा। अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने पुलिस एवं अधिकारीयों के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पुलिस को चेतावनी दी हैं कि सत्ता पार्टी के ईसारे में द्वेषपूर्वक कार्रवाई करना बंद करें नहीं तो आने वाले समय में पुलिस को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। इन दिनों छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर हो रहे हमले और पत्रकारों पर दर्ज किए जा रहे झूठे मुकदमे को लेकर विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पुलिस को चेताया है।

दरअसल सरगुजा में विगत दिनों इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार सुशील कुमार बाखला को कांग्रेस नेता इरफ़ान ने सिद्धकी ने जातिसूचक और भद्दी-भद्दी गाली देकर जान से मारे की धमकी बस इस बात को लेकर दी थी कि पत्रकार बतौली के चिरंगा स्थित विवादित माँ कुदरगढ़ी एल्युमिनियम रिफाइनरी फैक्ट्री का खबर बनाने पहुंचे। इधर पीड़ित पत्रकार सुशील बाखला की शिकायत पर अंबिकापुर अजाक पुलिस ने आरोपी इरफान सिद्धकी के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया है। लेकिन इस मामले में अबतक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जबकि कोतवाली पुलिस ने पीड़ित सुशील बखला पर दबाव बनाने के लिए उलट पत्रकार पर ही आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

सत्ता पार्टी के दबाव में पीड़ित पत्रकार सुशील बाखला के खिलाफ द्वेषपूर्वक हुई इस कार्रवाई से नाराज़ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि” सत्ता के इशारे पर इस तरह की कार्रवाई पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। वही विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यदि इस मामले में जल्द आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो भाजपा आंदोलन करने को बाध्य होगी।”

वैसे भी सरगुजा पुलिस की किरकिरी लगातार हो रही है। भाजपा के बृजमोहन अग्रवाल की बात अक्षरशः सही भी है क्योंकि हद तो तब हो गई जब अंबिकापुर में एसपी भावना गुप्ता के बंगले से चंद कदमों की दूरी पर कांग्रेस के नेता श्यामलाल जायसवाल के ही होटल में चोर आसानी से हाथ साफ कर निकल गया।तीन सवारी और तेजी से दुपहिया वाहन चालक बिना किसी खौफ के एसपी बंगले के सामने गांधी चौक से ही गुजर जाते हैं इसके प्रमाण लोगों के पास भी हैं।जब ज़िले के पुलिस के मुखिया को ही अराजक तत्व धत्ता बता कर कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर निकल रहे हैं तो अन्य जगहों का अंदाज़ लगाया जा सकता है कि हालात कितने भयावह हैं।

और तो और सूबे के मुखिया भूपेश बघेल के सख्त निर्देश कि पुलिस कप्तान खुद गश्त करें इस बात को भी शायद सरगुजा की पुलिस एक जुमले के तौर पर लेने का दुस्साहस कर रही है।

पीड़ित पत्रकार सुशील बाखला।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।