सरगुजा के अंबिकापुर से हवाई सेवा शुरू करने के लिए अभी तक कोई दिन निश्चित नहीं हो पाया है।
कई लोग 26 सितंबर से अंबिकापुर के माँ महामाया विमान तल से हवाई सेवा शुरू करने की बात कर रहे थे लेकिन सूत्रों की मानें तो 26 सितंबर को हवाई सेवा शुरू होने और एअरपोर्ट के उद्घाटन की बात अब सही नहीं है।
अंबिकापुर से बहुप्रतीक्षित विमान सेवा की शुरुआत के लिए विगत दिनों अंबिकापुर के माँ महामाया विमान तल में 72 सीटर विमान का सफलतापूर्वक ट्रायल किया गया था।
ग़ौरतलब है कि ‘पहल’ से बातचीत करते हुए सरगुजा के सांसद चिंतामणि महाराज ने हवाई सेवा शुरू करने को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बताया था।
अब देखना ये है कि इस ट्रायल के बाद और कितना समय यहाँ से हवाई सेवा शुरू होने में लगता है।
सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार और राज्य की भाजपा सरकार केंद्र सरकार की घरेलू उड़ान योजना के तहत इस एअरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू करने के लिए अब तेजी से लगी हुई है।

वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने पहल से बातचीत में कहा है कि अंबिकापुर के दरिमा माँ महामाया विमान तल से रायपुर और बनारस को कनेक्ट करने में एयरलाइन का भी फायदा है और यहाँ की जनता का भी।इस मुद्दे पर वो राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय उड्डयन मंत्री से भी अनुरोध करने वाले हैं।
ग़ौरतलब है कि पहल ने ही सबसे पहले अंबिकापुर से 72 सीटर विमान के ट्रायल की ख़बर ब्रेक की थी।
अभी आगे की तिथि निश्चित नहीं हो पाई है जिसका सबको बेसब्री से इंतज़ार है।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।