छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में नए डीजीपी के नाम का इंतजार किया जा रहा मगर अब उसमें 6 महीने के लिए विराम लग गया है।


वर्तमान पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा  को 6 महीने का एक्सटेंशन दिया जा रहा है सूत्र आज ही इसका आदेश जारी कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग को नए पुलिस महानिदेशक के लिए 6 महीने और इंतजार करना होगा।

आश्चर्य तो ये कि भूपेश सरकार के समय नियुक्त डीजीपी जुनेजा को एक्सटेंशन राज्य सरकार पर ही सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर क्या कारण है जो अशोक जुनेजा को एक्सटेंशन दिया गया जबकि इनके कार्यकाल में राज्य की कानून व्यवस्था चरमराई ही रही और सुस्त भी।ये सब किसी से छिपा भी नही है वहीं सूत्र के अनुसार अब राज्य सरकार समेत केंद्र में भी ये बात आ रही है कि छत्तीसगढ राज्य में विवादित खासकर यौन शोषण के आरोप लगे आईपीएस को लेकर भी कई शिकायत का ढेर ऊपर तक पहुंचाया जा रहा है जिससे भविष्य में सरकार पर कोई आरोप न लगे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ में भूपेश सरकार के बड़े भ्रष्टाचार में कुछ पुलिस अधिकारियों की शिकायत भी पाई गई है जिसमें कोल स्कैम और महादेव एप्प में कुछ आईपीएस तक संलिप्त हैं आश्चर्य ये कि उस समय भी अशोक जुनेजा डीजीपी रहे और उनके महकमे के अधिकारी पर आरोप लगे साथ ही ईडी ने भी गंभीर खुलासे किए ऐसे में सवाल अब हर कोई उठा रहा है कि उस समय जो डीजीपी थे वो इतने बड़े स्कैम पर मौन क्यों रहे क्या उन पर कोई जिम्मेदारी नहीं थी।

बहरहाल अशोक जुनेजा को डीजीपी का एक्सटेंशन देना कई बड़े अधिकारियों के गले ही नहीं उतर रहा है और अंदरखाने ये बात लगातार उठ रही है कि आखिर सरकार बैकफुट पर क्यों है?

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।