ईडी छत्तीसगढ में लगातार कार्यवाही कर रही है।आज छत्तीसगढ के मौख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय एजेंसी को लेकर एक के बाद एक लगातार 6 ट्वीट कर डाले।

बिना खानी पीना के देर रात तक रोकना,जबरन घर से उठाना,उनको मुर्गा बनाना,मारपीट करना जैसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

एक के बाद एक ट्वीट से छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी पर सीधे सीधे आरोप लगा डाला है।

अब देखना है कि मुख्यमंत्री के इस ट्वीट को ईडी और केन्द्र सरकार गंभीरता से लेती है या अपनी कार्यवाही इसी तरह जारी रखती है।

साथ ही ट्वीट किया कि नियमानुसार कार्यवाही करें तो हम पूरा सहयोग करने के लिए तत्पर हैं मगर इस तरह के गैरकानूनी कृत्य बिल्कुल भी स्वीकार योग्य नहीं हैं।

वहीं सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ में ईडी की बहुत बड़ी कार्यवाही के भविष्य में संकेत मिल रहे हैं। इसमें उद्योग से जुड़े कुछ बड़े नाम और नौकरशाहों के नाम के साथ बड़ी हस्तियों से भी पूछताछ के संकेत मिल रहे हैं।

देखना ये है कि ईडी और छत्तीसगढ सरकार के बीच कुछ बड़ी अनबन होगी या मामला शांतिपूर्वक एक कानूनी प्रक्रिया से निबटेगा।बहरहाल ये सब भविष्य के गर्भ में है।

जिस तरह से छत्तीसगढ में बड़ी संख्या में ईडी के अधिकारियों व कर्मचारियों का जमाबड़ा बना हुआ है उससे साफ है कि ईडी यहां कुछ बड़ा करने की ओर लगातार अग्रसर है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।