कांग्रेस सरकार को केंद्र से किस मद से कितने रूपए लेना है ये भूपेश सरकार स्पष्ट करे।हम भाजपा के विधायक इसके लिए दिल्ली जायेंगे।एक राष्ट्रीय अखबार में छपी खबर पर आज अजय चंद्राकर जमकर भड़के और कहा कि मीडिया में इस तरह भ्रामक खबर प्रकाशित करना बहुत ही शर्मनाक है।स्तर होना चाहिए। अजय चंद्राकर ने कहा कि माननीय भूपेश बघेल जी कहते हैं कि केंद्र से 13 हज़ार 500 करोड़ लेना है वहीं माननीय टी एस सिंहदेव जी कहते हैं कि 20 हज़ार करोड़ रूपए लेना हो।लेकिन एक अखबार ने तो अति उत्साहित होकर ख़बर प्रकाशित की कि छत्तीसगढ को केंद्र से 46 हज़ार करोड़ लेने हैंइतने अधिक राशि को केंद्र से लेना बता दिया जो यक़ीनन बेहद गलत है।हम इस अखबार के विरूद्ध प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया व एडिटर गिल्ड ऑफ इंडिया में शिकायत किए हैं।ये अखबार सीधे सीधे केंद्र सरकार की छवि खराब करने में लगा है।

कांग्रेस डर्टी पालिटिक्स के तहत पेड न्यूज छपवा कर भाजपा की सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।हमने विधान सभा में भी राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री रवींद्र चौबे से कहा था कि विधान सभा के पटल पर केंद्र सरकार के द्वारा किस किस मद से कितनी राशि लेनी है ये लिखकर बतायें पर वो लिखित में नहीं रख पाए।
अजय चंद्राकर यहीं नहीं रूके कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री मोदी जी से और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी से भी इस मामले की शिकायत कर रहे हैं।

ये किस तरह का पेड न्यूज चल रहा है कांग्रेस की सरकार ये बताये।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।