रायपुर में गोली कांड में अंबिकापुर के व्यक्ति की संलिप्तता।

राजधानी रायपुर में एक बार फिर गोली चलने की ख़बर सामने आई है।मामले में पुलिस ने 60 साल के शख्स को पकड़ा है। यह पूरा मामला थाना न्यू राजेंद्र नगर का है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने गोविंद सारंग परिसर के सामने सार्वजनिक जगह पर बंदूक से फायरिंग की है।सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो कार में एक व्यक्ति मिला। पुलिस के पूछने पर व्यक्ति ने अपना नाम उमेश सिंह बताया है।अपनी 315 बोर राइफल से सार्वजनिक स्थान पर फायर करना बताया कि जिसे मौके पर राइफल रखने के संबंध में नोटिस दिया जो राइफल के लाइसेंस की मियाद दिनांक 31दिसंबर को समाप्त होना लिखित में दिया।जिसके बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज आरोपी उमेश सिंह पिता सूरज नारायण उम्र 60 साल पता नवापारा चर्च के पास अंबिकापुर को गिरफ्तार कर लिया है।

रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल।

इस मामले पर रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने कहा है कि एक्सीडेंटल फायर का केस है मगर सार्वजनिक स्थल पर ऐसा हुआ है।राइफल लायसेंसी थी पर पिछले महीने लाइसेंस खत्म हो चुका है।हमने व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है न्यायालय में पेश कर रहे हैं। घटना कल की है।साथ ही लाइसेंस अब न मिले इसके लिए भी हम लिखित में देंगे।

राइफल समेत पुलिस थाने में व्यक्ति।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।