मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ की आईएएस अधिकारी रानू साहू, सौम्या चौरसिया सहित अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज 17 फरवरी को सुनवाई करेगा।

पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि इस मामले में सह आरोपी को जमानत मिल चुकी है, लिहाजा रानू साहू को भी अंतरिम जमानत दी जाए। कोर्ट ने कहा था कि यह अंतरिम जमानत का मामला नही है। नियमित जमानत का मामला है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, जिसके बाद ईडी ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। बता दें कि केंद्रीय एजेंसी राज्य में मनी लॉन्ड्रिंग मामले के साथ ही कथित कोयला खनन और शराब घोटाले की जांच कर रही है, जिसमें उसने कई नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के अलावा आईएएस अधिकारियों सहित कुछ प्रमुख अफसरों को जांच के घेरे में लिया है।

छतीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कथित आरोपी पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा, प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राईवेट लिमिटेड के मालिक विधु गुप्ता सहित अन्य की ओर से दायर याचिका पर आज 17 फरवरी को सुनवाई करेगा।

पूर्व IAS अधिकारी टूटेजा ने उत्तर प्रदेश और छतीसगढ़ में दर्ज एफआईआर को एक जगह ट्रांसफर की मांग की है।आरोप है कि छतीसगढ़ एक्साइज डिपार्टमेंट ने अवैध रूप से प्रिज्म होलोग्राफी प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर दिया था। कंपनी के मालिकों की मिली भगत से निविदा शर्तो को संशोधित कर अवैध रूप से निविदा आवंटित की गई थी। बदले में कमीशन लेकर डुप्लीकेट होलोग्राम की सप्लाई करवाई गई थी।

अब बात महादेव सट्टा एप्प की।

छत्तीसगढ़ महादेव सट्टा मामले में गिरफ्तार सतीश चंद्राकर की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज 17 फरवरी को सुनवाई करेगा।

महादेव ऐप घोटाला कथित तौर पर 5,000 करोड़ रुपये का अवैध सट्टेबाजी गिरोह से जुड़ा घोटाला है। इस मामले का मुख्य आरोपी अभी भी विदेश में रह रहा है वहां से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इसका नेटवर्क फैला हुआ है।

By @dmin

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