Exclusive information from ED Headquarter source :

21 नवंबर को 6 खनिज अधिकारियों से संबंधित आवास सहित अन्य लोकेशन पर हुई थी छापेमारी ।

जिन खनिज अधिकारियों के यहां सर्च ऑपरेशन हुआ था उनके नाम प्रमुख तौर पर इस प्रकार से हैं –

  1. दीपक मिश्रा-DMO , डेप्युटी माइनिंग ऑफिसर

2.भूपेंद्र कुमार चंद्राकार- उप माइनिंग ऑफिसर

3.अवधेश बारिक – सहायक माइनिंग अधिकारी

4.शिवशंकर नाग – D D

5.संदीप कुमार नायक

6.बजरंग पैकरा

जांच एजेंसी के मुताबिक कोरबा , सूरजपुर , ,सरगुजा रायगढ़ में यहां माइनिंग ज्यादा है ,यहां पर कार्यरत अधिकारियों से कई अधिकारी और प्राइवेट पर्सन हैं जांच एजेंसी के राडार पर

शिवशंकर नाग- 19 से लेकर22 तक पोस्टेड था

6 कर्मचारियों से संबंधित पर हुई थी सर्च ऑपरेशन..आवास सहित अन्य लोकेशन पर की गई थी छापेमारी

आज मंगलवार को इन सभी 6 लोगों से की गई है पूछताछ , कल भी कई आरोपियों से की जाएगी पूछताछ ।

ईडी की तफ़्तीश के दौरान मिले कई सबूतों और दस्तावेजों को देखने पर ऐसा लग रहा है कि खनिज विभाग के लिए बनाए गए नोटिफिकेशन को लागू करने के मसले पर उठ रहा है सवाल ।

मैनुअल NOC पर उठ रहा है सवाल

अब तक तफ़्तीश के मुताबिक कोल घोटाला से जुड़ा करीब 365 करोड़ रुपये की जानकरी ईडी को मिली है , फिलहाल तफ़्तीश जारी है ।

सीमेंट ,आयरन संबंधित अन्य खनिज पदार्थों से संबंधित घोटाले की तफ़्तीश अभी शुरू नहीं हुई है , तफ्तीश शुरू होने के बाद उचित आंकड़े जांच एजेंसी को प्राप्त हो जाएगा। फिलहाल कोल खनिज घोटाला से संबंधित घोटाले की तफ़्तीश चल रही है।

इसी से अंदाज़ लगाया जा सकता है कि काले हीरे के ज़िलों में पदस्थ कई अधिकारी एकाएक धनकुबेर बन जाते थे।

सूत्रों की मानें तो केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी इन ज़िलों के कुछ पूर्व व वर्तमान कलेक्टरों को भी अपने जांच के दायरे में लाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है।इससे कुछ कलेक्टर भी काले हीरे के फेर में मैनुअल गड़बड़ी में फंस सकते हैं।

वहीं ईडी ने इन 6 अधिकारियों से सिर्फ पूछताछ जारी रखी है इन्हें अभी तक न तो हिरासत में लिया गया है न ही गिरफ़्तार किया है।पूछताछ रोज चल रही है जो प्रक्रिया का एक हिस्सा है।

सरगुजा,कोरबा,सूरजपुर,बलरामपुर,रायगढ़ ज़िलों के आंकड़े एजेंसी अभी जुटा रही है।काफी आंकडे एजेंसी के पास मौजूद हैं।

By @dmin

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