ईडी का समन आईएएस निरंजन दास को।

ईडी के राडार पर आए लोगों की हालत अब दिन पर दिन गंभीर होती जा रही है।इसका असर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश में पूरे सिस्टम में देखने को मिल रहा है।
ईडी शासन के सचिव को अपने कार्यालय में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी करती है और शासन को जानकारी नहीं है कि उनका सचिव है कहां।
आबकारी विभाग के सचिव को ईडी ने अपने कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया संविदा में नियुक्त यह प्रमोटी आईएएस निरंजन दास आखिर हैं कहां?
ईडी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ शासन की आबकारी विभाग में 2000 करोड़ का शराब घोटाला हो चुका है इसके विशेष सचिव भारत संचार निगम लिमिटेड के प्रतिनियुक्ति पर आए छत्तीसगढ़ शासन में ए पी त्रिपाठी को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है । आबकारी विभाग में नियुक्त संविदा सचिव निरंजन दास की तलाश जारी है निरंजन दास बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के निवासी बताए जाते हैं और छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी मंत्री भी बस्तर संभाग के सुकमा जिले के निर्वाचित विधायक हैं और एकमात्र प्रतिनिधि सरकार में हैं।

वहीं आज अनवर ढेबर समेत नितेश पुरोहित,अरूण पति त्रिपाठी,पप्पू ढिल्लन इन चारों की रिमांड भी ख़त्म हो रही है।देखना ये होगा कि आज ईडी क्या करती है।

इसी मामले में ईडी के द्वारा कल रायपुर के ईडी कार्यालय में संसदीय सचिव चंद्र कुमार राय से भी देर रात तक लगातार कड़ी पूछताछ के संकेत मिले हैं।

प्रमोटी आईएएस निरंजन दास और प्रमोटी आईएएस अनिल टुटेजा के विरूद्ध ईडी के द्वारा कई प्रमाण जुटाने के संकेत मिल रहे हैं।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।