राज्य में प्रतिनियुक्ति पर मलाईदार विभाग में जाने की परम्परा रही है। लेकिन आज एक आदेश में एक आईएफ एस को बड़े विभाग उद्यानिकी के संचालक से हटाकर पुनः वन विभाग एवं जलवायु परिवर्तन  विभाग में वापस कर दिया गया है। एस जगदीशन जो कि आईएफएस हैं इन्हें मूल विभाग में वापस कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार जो प्रति नियुक्ति पर गए थे वहां से वापस मूल विभाग में नियुक्ति पर अब बड़े अधिकारी को दुख तो हो रहा है मगर शासन का आदेश जो है तो मानना ही पड़ेगा।

वहीं अब सरकार अपनी छवि को लेकर भी इस तरह के कदम उठाने की योजना बना रही है जिससे आमजन में सरकार की छवि सुधरे मगर वो राह भी कठिनाई भरी है देखना ये है कि अब सरकार की इच्छा शक्ति प्रत्येक मामले में ऐसी ही रहती है या ढुलमुल रवैया वाली? अब ये तो समय ही बताएगा। बहरहाल वन विभाग के पीसीसीएफ श्री निवास राव को लेकर भी ननकी राम कंवर ने मुहिम छेड़ रखी है अब उस पर सरकार का रुख क्या होगा ये भी चर्चा का विषय है। ये मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि पीसीसीएफ श्रीनिवास राव के विरुद्ध ननकी राम कंवर ने केंद्रीय जांच एजेंसियों को पत्र लिखा था और उस पर कार्यवाही की बात का पत्र भी आया था लेकिन जिस तरह से ये मामला ठंडे बस्ते में है उससे राज्य के ही कुछ बड़े लोग पर भाजपा के नेता ही सवाल खड़े कर रहे हैं।

रिपोर्ट आलोक शुक्ल।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।