छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश और अब राजस्थान भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति आने वाले 15 से 20 वर्ष तक भाजपा में सरकार और संगठन को मजबूत करने की दृष्टि से नई पौध तैयार करने का संदेश स्पष्ट रूप से दे चुकी है!
तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री से लेकर उपमुख्यमंत्री तक 50 वर्ष से 55 वर्ष तक के लोगों को जवाबदारी दी जा रही है इससे स्पष्ट संकेत और संदेश है कि अब भाजपा में उम्र दराज नेताओं को संगठन और सरकार से धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है और नई पौध तैयार की जा रही है!
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगभग सभी निर्वाचित विधायक पहुंच चुके हैं और पहुना एवं राजभवन से मोबाइल से संदेश आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन 7:00 बजने जा रहे हैं किसी के पास कोई संदेश नहीं आया है इससे तनाव बढ़ रहा है!
भाजपा के विश्वसनीय सूत्र के अनुसार 13 दिसंबर को ही लोगों को जिन्हें मंत्री परिषद में स्थान दिया जाना है उन्हें मोबाइल के माध्यम से संदेश भेज दिया जाएगा जिससे पुराने स्थापित नेताओं की रात कैसे गुजरेगी इसे लेकर कयास लग रहे हैं वहीं नए चेहरों में भी उत्साह के साथ सस्पेंस है कि किस किस को मन्त्रीमंडल में जगह मिल पाती है!

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।