क्या छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव फिर करीब आ रहे हैं।

छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य में प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम कर रहे हैं।

छत्तीसगढ के जय और वीरू की तस्वीरें। राजनीति में रिश्ते कब बन जायें कब बिगड़ जायें ये कोई अंदाज़ नहीं लगा सकता।

ब्रेकिंग

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहसपुर लोहारा पहुंचे

मुख्यमंत्री बघेल सहसपुर लोहारा के साहू पारा पहुचे।

मोहन साहू और पूरे परिवारजनों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

 मुख्यमंत्री बघेल ने किसान मोहन के घर कांसे की थाली में छत्तीसगढ़ का पारम्परिक भोजन कर रहे हैं

मुख्यमंत्री को भोजन में दाल, चावल, लाल भाजी, गुमी भाजी, भजिया कढ़ी और बड़ी, बिजौडी परोसा गई।

 

 मुख्यमंत्री बघेल के साथ कबीरधाम जिले के प्रभारी मंत्री टी एस सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर, किसान मोहन साहू, कलेक्टर जनमेजय महोबे पारम्परिक भोजन ग्रहण कर रहे हैं।
भोजन के दौरान श्री मोहन साहू ने बताया कि वह भूमिहीन है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि जांच करा लें, यदि भूमिहीन है और पात्रत्रा में आते है तो श्री मोहन साहू को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का लाभ दे। उन्होंने बताया कि इस योजना से भूमिहीन श्रमिको को प्रतिवर्ष 7 हजार रुपए की सहायता दी जाती है।

इन तस्वीरों को देखकर ये अंदाज़ तो लग ही रहा है कि राज्य में भाजपा अब आक्रामक हो गई है और मन मिले या न मिले दिखाने के लिए ही सही पर भूपेश बघेल और टी एस सिंहदेव तस्वीर में एक साथ आकर शायद कांग्रेस आलाकमान की कुछ नसीहतों पर अमल करने की कोशिश कर रहे हों।क्योंकि दोनों के बीच की तल्खियां हर मौके पर दिखी हैं। आज भी तस्वीर में भूपेश बघेल तो सहज हैं मगर टी एस सिंहदेव के चेहरे पर एक अजीब सी चुप्पी नज़र आ रही है।

By @dmin

You missed

अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।