खाद्य मंत्रीअमरजीतभगतका बेहद आपत्तिजनक बयान कहा कि बड़ी घटना होती और कार्यवाही न होती तो बात होती।कहां की घटना पता नहीं।बंद कराके लोगों को परेशानी होती है। बेमेतरा जिले में सांप्रदायिक घटना को लेकर आज हिंदू संगठन के द्वारा छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया. जिसका सरगुजा जिले में भी बंद का असर देखने को मिला।इधर प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ बंद करना बेवजह लोगों को परेशान करने वाला है, साथ ही कहा कि जहां की घटना है वहां बंद करना चाहिए और विरोध प्रदर्शन करना चाहिए. पूरे प्रदेश को बंद करवा कर लोगों सहित व्यवसायियों को परेशान करने का काम किया जा रहा है।अगर कार्यवाही नहीं होती तो विरोध प्रदर्शन किया जाना उचित भी माना जा सकता था।

एक युवक की नृशंस हत्या पर मंत्री जी कह दिए कोई बड़ी घटना नहीं।कहां हुआ हमको जानकारी नहीं है।

मंत्री अमरजीत भगत का ये बयान निःसंदेह गैरजिम्मेदाराना है।जब छत्तीसगढ शासन के एक मंत्री को घटना की जानकारी नहीं है तो इससे बड़े दुर्भाग्य की बात दूसरी नहीं हो सकती।इतने संवेदनशील मामले में अमरजीत भगत का ये असंवेदनशील बयान विरोधी पार्टी को कांग्रेस सरकार पर बड़े हमले का आमंत्रण दे दिया है।

वहीं बेमेतरा ज़िले में प्रदर्शन तीव्र हो गया है एक गांव में एक मकान को आग लगा दी गई और कुछ जगह पथराव भी हुआ है।आईजी आनंद छाबड़ा हर तरीके से खुद ग्राऊंड जीरो पर मुस्तैदी से डटकर लोगों को समझाइश देकर उन्हें कार्यवाही का आश्वासन देकर प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से रखने के लिए बात करते दिख रहे हैं।

मकान में आग से सिलेंडर ब्लास्ट भी हुआ है।इसमें आईजी भी बाल बाल बचे हैं।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।