रायपुर,
डॉक्टर रमन सिंह के झारखंड के विधायकों को दारू मुर्गा खिलाने के आरोपों के ट्विट पर आज एअरपोर्ट पर चंडीगढ रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा।
डॉक्टर रमन सिंह को यह देखना चाहिए कि
कर्नाटक के विधायक, महाराष्ट्र के विधायक, राजस्थान के विधायक ,मध्यप्रदेश के विधायक
दूसरे पार्टी के विधायक जब उठा उठाकर ले गए तब वो चुप क्यों थे।उस समय उसकी बोलती बंद थी।वो भी दूसरी पार्टी के लोगों को ले गए।
उस समय बोलना था।
ये तो हमारी पार्टी के लोग हैं।
हमारे गठबंधन के लोग हैं।
उनको तकलीफ क्यों हो रही है,
उनको तकलीफ हो रही है, उनको खुला छोड़ देते,
वो वहां खरीद फरोख्त करते,
अन्य राज्यों में जब खरीद फरोख्त हो रही थी।

डॉक्टर रमन सिंह चुप क्यों थे?
जिस प्रकार से महाराष्ट्र में बात चल रही है पचास खोखा।
झारखंड में बात चल रही है बीस बीस खोखा,
रमन सिंह जी उसके बारे में बताए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जी।

इससे साफ़ है कि झारखंड से छत्तीसगढ आए विधायकों के कारण यहां राजनैतिक तमाशा बढ़ता दिख रहा है और सारे देश की निगाहें अब रायपुर के आलीशान मेफेयर लेक रिसार्ट पर टिकी हैं।

ये बात अलग है कि इस आलीशान रिसार्ट के सभी वेटरों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी रखवा लिए गए हैं। जिससे कोई भी वीडियो या चित्र बाहर न निकलने पाए।

चेकिंग इतनी सख्त है कि परिंदा भी पर न मार पाए।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।