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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय बैठक 10 सितंबर 2022 जैनम मानस भवन रायपुर में चल रही है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े 36 संगठनों के प्रमुख लोग उपस्थित हैं।

ये पहला मौका है जब आर एस एस की समन्वय और समीक्षा बैठक छत्तीसगढ में हो रही है।

सूत्रों के अनुसार आर एस एस छत्तीसगढ को लेकर बहुत ही गंभीर है। अपरोक्ष रूप से आर एस एस,भाजपा को निर्देशित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जिस तरह से पिछले विधान सभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है उसे लेकर केंद्रीय संगठन और आर एस एस छत्तीसगढ में बेहद आक्रामक और कुशल रणनीति के अनुसार काम करने में लगे हैं।

अंदाज़ इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य में छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक के भाजपा नेताओं की पूरी कुंडली बहुत ही तेजतर्रार लोगों से बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से 6 महीने पहले ही तैयार करवा कर मंगा ली गई थी।

इसमें कांग्रेस के लोगों से मिलकर काम करने वाले भाजपाईयों और टिकट की दौड़ में शामिल बड़े से लेकर छुटभैय्यों तक की संदिग्ध गतिविधियों का संपूर्ण ब्यौरा शामिल है।

देखना है कि मंथन के बाद यहां मृतप्राय भाजपा में प्राण फूंकने में संघ और संगठन को अब और कितना समय लगेगा।

By @dmin

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अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।

महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

अम्बिकापुर, 03 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देश पर जिले के निजी असअंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।अंबिकापुर में महावीर अस्पताल की एक मशीन सील।कलेक्टर अजीत बसंत के निर्देश पर तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण।लाइफ़लाइन अस्पताल में सभी नियमों का पालन होना पाया गया।्पतालों में संचालित गतिविधियों लार्ज लैब के पंजीयन, लाइसेंस एवं निर्धारित व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरूता के मार्गदर्शन में गठित दल द्वारा गायत्री अस्पताल, महावीर अस्पताल एवं लाइफलाइन अस्पताल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।