सुबह 5.30 बजे एक युवक की लापरवाही ने ज़िदगी छीन ली।

रायपुर में तेज रफ्तार कार ने एक को रौंदा।मौके पर ही हुई 33 वर्षीय युवक की मौत।टिकरापारा बस स्टैंड सर्विस रोड पर ये दिल दहला देने वाले हादसे का सीसीटीवी सामने आया है।
तेज रफ्तार गाड़ी 120 की स्पीड से चल रही कार ने एक युवक की ज़िदगी को छीन लिया।हादसे के दौरान गाड़ी कौन-कौन था, इस बात का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है वहीं ड्राईवर को मुचलके पर रिहा कर दिया गया
रायपुर। टिकरापारा थाना क्षेत्र के फिल्टर प्लांट के पास ये दिल दहला देने वाली घटना सोमवार की सुबह 5:15 बजे की है।तेज रफ्तार कार से एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत 33 वर्षीय युवक चंदन गर्ग को टक्कर मारने वाले ड्राइवर शशिकांत साहू को टिकरापारा पुलिस ने मुचलके पर छोड़ दिया है। पुलिस का कहना है कि ड्राइवर के खिलाफ धारा 304ए के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।
जमानती धारा होने की वजह से ड्राइवर को मुचलके पर छोड़ा गया है। विवेचना अधिकारी मामले में जांच का दायरा बढ़ाने और गाड़ी मालिक को केस में पार्टी बनाने की बात कह रहे हैं। पुलिस के अनुसार कार सिद्धार्थ नाम के व्यक्ति की है। कार मालिक को मामले में नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उसका बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कार में कौन-कौन था इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।जबकि सूत्रों के अनुसार हादसे के दौरान कार में ड्राइवर के अलावा कुछ और लोग भी मौजूद थे। हादसे के बाद वो सभी कार से निकलकर हाईवे की तरफ भागे थे। मंगलवार को हादसे का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय कार की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा से से भी अधिक रही होगी।
शहर में ये हादसा चर्चा का विषय बना हुआ है। हादसे के दौरान गाड़ी में कौन-कौन सवार था? इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं आया है। इस केस में पूरी निष्पक्षता से जांच हो और सभी आरोपी पकड़ में आए इसलिए पुलिस को घटना के दौरान फिल्टर प्लांट के पास हादसे से पहले गाड़ी जिन रास्तों से गुजरी है, वहां की फुटेज भी पुलिस को जांच करनी चाहिए,जिससे कार में सवार लोगों की शिनाख्त हो सके।

घटना का सीसीटीवी वीडियो।

सवाल ये उठता है कि आखिर तकनीक से लैस तमाम तामझाम वाला पुलिस कंट्रोल रूम शहर के सीसीटीवी देखता भी है या नहीं?

एक युवक की असमय मौत ने रायपुर पुलिस की सक्रियता पर भी एक गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है जिसका जवाब इन जिम्मेदारों को तलाशना होगा।

By @dmin

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महावीर अस्पताल में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं मिलने पर मशीन सील, पंजीयन के लिए आवेदन करने के निर्देश

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निरीक्षण के दौरान दल ने अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब के लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेजों के साथ उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की। महावीर अस्पताल के निरीक्षण में लार्ज लैब का लाइसेंस नहीं पाया गया। अस्पताल के पास केवल स्माल लैब संचालन का लाइसेंस उपलब्ध था। इस पर लार्ज लैब में उपयोग की जा रही मशीन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। अस्पताल प्रबंधन को लार्ज लैब के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुज्ञापत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही लार्ज लैब का संचालन किया जा सकेगा।

गायत्री अस्पताल में लार्ज लैब के निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं लाइफलाइन अस्पताल के पास लार्ज लैब का लाइसेंस उपलब्ध पाया गया ।

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के निजी अस्पतालों में संचालित लार्ज लैब का निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीयन एवं लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लार्ज लैब के संचालन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अनुज्ञापत्र की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा बिना निर्धारित अनुमति के लैब संचालन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निरीक्षण दल में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा,  डॉ. दीपक गुप्ता पैथोलॉजिस्ट, शिवेंद्र सिंह सदस्य तथा नर्सिंग होम एक्ट कार्यालय के शाखा प्रभारी  संजय पांडे शामिल रहे।